उमरिया/भोपाल। मध्यप्रदेश के उमरिया जिले में स्कूली छात्राओं के साथ अशोभनीय व्यवहार के गंभीर मामले में प्रशासन ने त्वरित व सख्त कार्रवाई की है। प्राथमिक शाला के एक सहायक शिक्षक पर मासूम बच्चियों के साथ छेड़छाड़ और अश्लील सामग्री दिखाने के आरोप साबित होने के बाद पुलिस ने विभिन्न आपराधिक धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। वहीं, स्कूल शिक्षा विभाग ने आरोपी शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) कार्यालय मानपुर अटैच कर दिया है।
जांच समिति की रिपोर्ट में आरोपों की हुई पुष्टि : मामला सुल्तानपुर गांव स्थित शासकीय प्राथमिक शाला का है। एक अभिभावक द्वारा विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक विश्वनाथ पांडेय से सहायक शिक्षक कोमलचंद्र गुप्ता के खिलाफ बच्चियों से गलत हरकत करने की शिकायत की गई थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला शिक्षा केंद्र उमरिया द्वारा एक जांच दल गठित किया गया। जांच समिति ने स्कूल पहुंचकर छात्राओं, उनके अभिभावकों, शिक्षकों व स्थानीय ग्रामीणों की मौजूदगी में विस्तृत बयान दर्ज किए, जिसमें प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए गए।
चॉकलेट का झांसा देकर दिखाई अश्लील क्लिप्स, दी धमकी : पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, 22 अगस्त को सहायक शिक्षक कोमलचंद गुप्ता ने 7 वर्षीय छात्रा और उसकी दो सहेलियों को चॉकलेट का प्रलोभन देकर अपने पास बुलाया और मोबाइल पर आपत्तिजनक वीडियो दिखाए। आरोपी ने बच्चियों को घटना के बारे में किसी को बताने पर डंडे से पीटने की धमकी भी दी थी।
पोक्सो और बीएनएस की गंभीर धाराओं में केस दर्ज : पीड़ित पक्ष की शिकायत और शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने आरोपी शिक्षक के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) और लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम की सुसंगत धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध किया है। शासन ने स्पष्ट किया है कि बालिकाओं व महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

