नई दिल्ली/समस्तीपुर। भारतीय रेलवे ने रेल सुरक्षा को सुदृढ़ करने और परिचालन दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से पूर्व मध्य रेलवे (ECR) के समस्तीपुर मंडल के लिए 233 करोड़ रुपये की महत्वपूर्ण परियोजना को स्वीकृति दी है। इस राशि से मंडल के 21 चिन्हित रेलवे स्टेशनों पर आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (EI) प्रणाली स्थापित की जाएगी।
पुरानी पैनल प्रणाली की जगह लेगा कंप्यूटर आधारित सिग्नलिंग नेटवर्क : परियोजना के तहत समस्तीपुर मंडल के 21 स्टेशनों पर वर्षों पुरानी रिले-आधारित पैनल इंटरलॉकिंग व्यवस्था को पूरी तरह से हटाकर अत्याधुनिक कंप्यूटर-आधारित इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग से बदला जाएगा। इस आधुनिक प्रणाली से सिग्नलिंग नेटवर्क की विश्वसनीयता बढ़ेगी, तकनीकी खामियों का तेजी से समाधान हो सकेगा और रखरखाव का कार्य भी आसान हो जाएगा।
स्वदेशी ‘कवच’ प्रणाली को लागू करने में मिलेगी गति : इस आधुनिकीकरण का सीधा लाभ भारत की स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली ‘कवच’ (Kavach) के विस्तार को मिलेगा। इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग से लैस होने के बाद इन स्टेशनों पर ट्रेनों की गति, ट्रैकिंग और सिग्नल ओवरशूटिंग से बचाव के लिए जरूरी उन्नत बुनियादी ढांचा उपलब्ध हो सकेगा।
ट्रेनों की संरक्षा और समयबद्धता में सुधार : रेलवे अधिकारियों के अनुसार, देशव्यापी सिग्नलिंग आधुनिकीकरण अभियान के तहत यह कदम उठाया गया है। नई व्यवस्था लागू होने से मानवीय भूल की संभावना न्यूनतम होगी, जिससे रेल दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के साथ-साथ ट्रेनों के समय पालन (Punctuality) और गति में उल्लेखनीय सुधार आएगा।

