भोपाल। शिक्षक दिवस के अवसर पर आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह-2026 में प्रदेश भर के 33 उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया गया। राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मां सरस्वती और डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस गरिमामय समारोह में उत्कृष्ट शिक्षकों को शॉल, श्रीफल, प्रशस्ति पत्र तथा 25 हजार रुपये की सम्मान राशि प्रदान की गई।
जहां गुरुर खत्म और गुण शुरू होते हैं, वहीं गुरु की दृष्टि पैदा होती है: मुख्यमंत्री : समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिक्षकों के हित में महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के जिन वरिष्ठ शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) देनी है और जिन्हें ऑनलाइन परीक्षा में व्यावहारिक कठिनाई है, उन्हें ऑफलाइन मोड पर परीक्षा दिलाने के विशेष प्रबंध और प्रयास किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु-शिष्य परंपरा भारतीय संस्कृति की अनुपम धरोहर है। उन्होंने कहा, “देश का नक्शा भले ही कागजों पर बनता हो, लेकिन देश की वास्तविक तकदीर शिक्षक कक्षाओं में गढ़ते हैं। जब बोर्ड परीक्षाओं की मेरिट लिस्ट आती है और 50 फीसदी से अधिक बच्चे शासकीय स्कूलों के होते हैं, तो यह हमारे शिक्षकों के समर्पण का ही प्रमाण है।” उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के उज्जैन स्थित सांदीपनि आश्रम में 64 कलाओं और 14 विद्याओं की शिक्षा का उल्लेख करते हुए गुरु की महिमा को रेखांकित किया।
विकसित भारत के शिल्पकार हैं शिक्षक: राज्यपाल मंगुभाई पटेल : राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि बच्चों की पहली पाठशाला घर और माता-पिता होते हैं, लेकिन ज्ञान व संस्कारों से परिपूर्ण कर उन्हें आदर्श नागरिक और राष्ट्र की भावी पीढ़ी बनाने का कार्य शिक्षक करते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को आत्मीय भाव, धैर्य और सहनशीलता से पढ़ाएं। राज्यपाल ने जोर दिया कि आज की शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं रह सकती, बल्कि उसे वैश्विक जरूरतों और रोजगार के अवसरों के अनुरूप अपडेशन, अपग्रेडेशन और इनोवेशन के साथ आगे बढ़ना होगा।
शिक्षकों की बेहतरी के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध: स्कूल शिक्षा मंत्री : स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को सबसे पहले लागू कराने में मध्यप्रदेश अग्रणी रहा है। राज्य सरकार कानूनी व प्रशासनिक बाधाओं को दूर करते हुए शिक्षकों की कार्यप्रणाली को सुगम और उत्कृष्ट बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

