वैश्विक अनिश्चितता में कारोबारियों को संबल : ईसीएलजीएस 5.0 से अब तक ₹2.50 लाख करोड़ की गारंटी जारी,एमएसएमई को 100% और एयरलाइंस को 90% क्रेडिट गारंटी !

नई दिल्ली। वैश्विक भू-राजनीतिक उथल-पुथल, आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान और बढ़ती लॉजिस्टिक्स लागत से भारतीय उद्यमों को सुरक्षा देने के लिए केंद्र सरकार की ‘आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना’ (ECLGS 5.0) उद्योग जगत के लिए बड़ा संबल साबित हो रही है। नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी (NCGTC) द्वारा संचालित इस योजना के तहत 20 अगस्त 2026 तक 6.73 लाख से अधिक गारंटियों के जरिए ₹2,50,024 करोड़ की ऋण सहायता सुगम की जा चुकी है, जिसमें संख्या के लिहाज से एमएसएमई की भागीदारी 97.3 प्रतिशत रही है।

उद्योगों में लिक्विडिटी और रोजगार बनाए रखने का सुरक्षा चक्र : बाहरी आर्थिक झटकों से निपटने के उद्देश्य से सरकार ने 5 मई 2026 को ₹2.55 लाख करोड़ के अतिरिक्त ऋण प्रवाह के लक्ष्य के साथ ईसीएलजीएस 5.0 को मंजूरी दी थी। यह योजना 31 मार्च 2027 तक या निर्धारित लक्ष्य पूरा होने तक प्रभावी रहेगी। इसका प्रमुख उद्देश्य सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME), पात्र गैर-एमएसएमई और अनुसूचित यात्री एयरलाइंस को बिना किसी अतिरिक्त गारंटी शुल्क के सस्ता संस्थागत ऋण उपलब्ध कराना है।

किसे कितनी मिलेगी मदद? मुख्य नियम व शर्तें :-

  • एमएसएमई व पात्र गैर-एमएसएमई के लिए:

    • अतिरिक्त ऋण: वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के उच्चतम वर्किंग कैपिटल बकाया का 20% तक (अधिकतम सीमा ₹100 करोड़ प्रति उधारकर्ता)।

    • गारंटी कवरेज: एमएसएमई के लिए 100% और पात्र गैर-एमएसएमई के लिए 90% सरकारी गारंटी।

    • ब्याज दर व अवधि: बैंकों के लिए ब्याज दर EBLR/MCLR + 0.75% (अधिकतम 9% वार्षिक की सीमा) और NBFCs के लिए अधिकतम 13% प्रति वर्ष। ऋण की अवधि 5 वर्ष होगी, जिसमें 1 वर्ष का मोराटोरियम शामिल है।

    • बाहर रखे गए क्षेत्र: गैर-एमएसएमई श्रेणी में एनबीएफसी, बिजली (वितरण/पारेषण), टेलीकॉम, चीनी-एथेनॉल, आईटी, कागज, शैक्षणिक संस्थान और तंबाकू को इस दायरे से बाहर रखा गया है।

  • अनुसूचित यात्री एयरलाइंस के लिए :-

    • क्रेडिट सहायता: पात्रता शर्तों के अधीन 100% तक अतिरिक्त ऋण, जिसकी अधिकतम सीमा ₹1,500 करोड़ प्रति एयरलाइन है (₹1,000 करोड़ से अधिक की राशि पर प्रमोटरों का आनुपातिक इक्विटी निवेश अनिवार्य)।

    • गारंटी व अवधि: 90% सरकारी गारंटी। ऋण अवधि 7 वर्ष होगी, जिसमें 2 वर्ष का मोराटोरियम मिलेगा।

जन समर्थ पोर्टल से सीधी डिजिटल पहुंच : पात्र कारोबारी ‘जन समर्थ’ पोर्टल (jansamarth.in) के माध्यम से बिना किसी बिचौलिए के सीधे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। योजना को धरातल पर प्रभावी बनाने के लिए राज्य स्तरीय बैंकर्स समितियों (SLBC) और उद्योग संघों के सहयोग से देशभर में विशेष आउटरीच व जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, ताकि छोटे से छोटे उद्यमी तक कार्यशील पूंजी का निर्बाध प्रवाह सुनिश्चित किया जा सके।

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