पीएम-सेतु से बदलेगी देश के आईटीआई की तस्वीर: 5वीं राष्ट्रीय संचालन समिति ने ₹735.70 करोड़ के निवेश को दी मंजूरी,राजस्थान, यूपी और तेलंगाना के 3 नए क्लस्टर शामिल;

नई दिल्ली। देश के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) को आधुनिक उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप हाई-टेक बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) की सचिव देबाश्री मुखर्जी की अध्यक्षता में आयोजित ‘प्रधानमंत्री कौशल और रोजगार क्षमता परिवर्तन कार्यक्रम’ (PM-SETU) की पांचवीं राष्ट्रीय संचालन समिति (NSC) की बैठक में ₹735.70 करोड़ की रणनीतिक निवेश योजनाओं (SIP) को स्वीकृति दी गई।

इस ताजा मंजूरी के साथ ही पीएम-सेतु के तहत कुल निवेश 9 आईटीआई क्लस्टरों में बढ़कर ₹2,171 करोड़ तक पहुंच गया है। यह योजना ‘हब-एंड-स्पोक’ मॉडल के तहत देश के युवाओं को भविष्य की अत्याधुनिक तकनीकों और व्यावहारिक औद्योगिक प्रशिक्षण से लैस करने के उद्देश्य से चलाई जा रही है।

तीन राज्यों के क्लस्टरों को मिली मंजूरी:

  • राजस्थान (भिवाड़ी क्लस्टर – ₹241.00 करोड़):

    मेसर्स एचजी इंफ्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड (HGIEL) द्वारा संचालित इस क्लस्टर में गवर्नमेंट आईटीआई भिवाड़ी मुख्य ‘हब’ होगा। इससे अलवर, नीमराना, तिजारा और किशनगढ़ बास के आईटीआई ‘स्पोक’ के रूप में जुड़ेंगे। बैठक में राजस्थान सरकार, एमएसडीई और एचजी इंफ्रा के बीच शेयरधारक समझौते (SHA) पर भी हस्ताक्षर किए गए, जिससे राजस्थान इस समझौते को लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया।

  • तेलंगाना (मेडचल क्लस्टर – ₹254.30 करोड़):

    मेसर्स ज़ेन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड द्वारा प्रस्तुत योजना को सभी परिचालन व वित्तीय स्पष्टीकरण संतोषजनक मिलने के बाद मंजूरी दी गई। इसमें गवर्नमेंट आईटीआई मेडचल मुख्य केंद्र रहेगा, जिससे अलवाल, शमीरपेट, कुकुनूरपल्ली और सिद्दीपेट आईटीआई संबद्ध रहेंगे।

  • उत्तर प्रदेश (मेरठ क्लस्टर – ₹240.40 करोड़):

    राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) के नेतृत्व वाले इस क्लस्टर में साकेत (मेरठ) आईटीआई हब की भूमिका निभाएगा, जबकि गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर और बागपत के संस्थान स्पोक नेटवर्क का हिस्सा होंगे।

उद्योग-उन्मुख हब-एंड-स्पोक मॉडल से होगा रूपांतरण : स्वीकृत रणनीतिक निवेश योजनाओं के तहत आईटीआई परिसरों में आधुनिक वर्कशॉप, लैब इंफ्रास्ट्रक्चर का उन्नयन, उद्योग की मांग के अनुसार नए शॉर्ट-टर्म व लॉन्ग-टर्म तकनीकी कोर्स और ट्रेनर्स के कौशल संवर्धन पर काम किया जाएगा। निजी औद्योगिक साझीदार सीधे पाठ्यक्रम और हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग से जुड़ेंगे, जिससे प्रशिक्षण पूरा करते ही छात्रों को सीधे रोजगार के अवसर मिल सकें।

बैठक में महानिदेशक (प्रशिक्षण) दिलीप कुमार, अतिरिक्त सचिव एवं एफए जी. मधुमिता दास, संयुक्त सचिव मानसी सहाय ठाकुर, राजस्थान के एसीएस संदीप वर्मा सहित बहुपक्षीय विकास बैंकों और उद्योग जगत के शीर्ष प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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