भोपाल। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रदेशभर के आंगनवाड़ी केंद्रों को पोषण, स्वास्थ्य, अनौपचारिक शिक्षा और जनसहभागिता के जीवंत केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए ‘आंगन मिलन सेवा’ का आयोजन किया जा रहा है। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत यह विशेष पहल 26 सितंबर से 5 अक्टूबर 2026 तक संचालित होगी।
इसके तहत राज्य के प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र पर तीन दिवसीय चरणबद्ध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें बच्चों और माताओं को सीधे शासकीय योजनाओं से जोड़ने के साथ-साथ जमीनी स्तर पर सेवाएं दे रहीं आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और आशा कार्यकर्ताओं के योगदान का सार्वजनिक अभिनंदन किया जाएगा।
तीन दिन, तीन प्रमुख थीम पर आधारित रूपरेखा : प्रत्येक केंद्र के लिए तीन अलग-अलग चरणों (26-28 सितंबर, 29 सितंबर-1 अक्टूबर तथा 2-5 अक्टूबर) में तीन दिवसीय सूक्ष्म कार्ययोजना (माइक्रो प्लान) लागू की जाएगी:
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पहला दिन (बाल स्वास्थ्य एवं आनंदमयी गतिविधियां): 3 से 6 वर्ष के बच्चों के बीच प्रधानमंत्री के संदेश का वाचन, कॉमिक्स वितरण और मुख्यमंत्री की अपील का प्रसारण होगा। ‘कहानी सुनाओ-कहानी से जुड़ो’, चित्रकला और मनोरंजक खेलों के साथ बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर फल व मिठाइयां बांटी जाएंगी।
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दूसरा दिन (मातृ स्वास्थ्य एवं पोषण संवाद): गर्भवती और धात्री माताओं का स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण और स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से परामर्श सत्र होंगे। पोषण संवाद में एनीमिया रोकथाम, संतुलित आहार, स्तनपान और नवजात की देखभाल पर सरल भाषा में जागरूक किया जाएगा।
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तीसरा दिन (‘मेरी कहानी, मेरी सफलता’): प्रधानमंत्री मातृ वंदना, लाड़ली लक्ष्मी और लाड़ली बहना जैसी योजनाओं से लाभान्वित माताएं अपने अनुभव साझा करेंगी।
1 मिनट के वीडियो में दिखेंगी हितग्राहियों की सफलता की कहानियां : अभियान को व्यापक स्वरूप देने के लिए डिजिटल तकनीक और सोशल मीडिया का उपयोग किया जाएगा:
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सक्सेस स्टोरीज: प्रत्येक केंद्र से योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े 10 लाभार्थियों की प्रेरणादायी केस स्टडी तैयार होंगी।
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डिजिटल कवरेज: कुपोषण से सामान्य श्रेणी में लौटे बच्चों, पीएम-जनमन, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, स्पॉन्सरशिप और सुकन्या समृद्धि योजना के हितग्राहियों के अधिकतम एक-एक मिनट के अनुभव वीडियो विभागीय सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाएंगे।
फ्रंटलाइन वर्करों का सम्मान और स्वच्छ परिसर : कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की उपस्थिति में उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, आशा कार्यकर्ताओं और पर्यवेक्षकों का सार्वजनिक सम्मान किया जाएगा। विभाग ने निर्देश दिए हैं कि सभी केंद्रों पर स्वच्छता, सुरक्षित खेल क्षेत्र और शुद्ध पेयजल जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि आंगनवाड़ी केंद्र समुदाय और सरकार के बीच भरोसेमंद सेतु बनकर उभरें।

