नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने स्वदेशी तकनीक के जरिए ट्रेन हादसों की रोकथाम और रेल सुरक्षा तंत्र को अभेद्य बनाने की दिशा में बड़ा निर्णय लिया है। रेलवे मंत्रालय ने उत्तर-पूर्व रेलवे (NER) के लखनऊ मंडल अंतर्गत 607.7 रूट किलोमीटर ट्रैक पर अत्याधुनिक ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम ‘कवच 4.0’ की स्थापना के लिए ₹252 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है।
इस मंजूरी के साथ ही लखनऊ मंडल के सभी शेष चिन्हित रेल मार्गों पर अत्याधुनिक सुरक्षा कवच का विस्तार सुनिश्चित हो जाएगा।
ट्रेन हादसों पर पूर्ण अंकुश लगाएगी ‘कवच 4.0’ तकनीक:
-
सिग्नल ओवरशूटिंग (SPAD) पर रोक: यदि लोको पायलट किसी कारणवश खतरे का लाल सिग्नल पार (Signal Passing at Danger) करता है, तो सिस्टम ट्रेन की गति और दूरी को भांपकर तत्काल सक्रिय हो जाएगा।
-
स्वचालित ब्रेक प्रणाली: आमने-सामने से या एक ही ट्रैक पर पीछे से आ रही ट्रेनों के बीच दूरी कम होते ही ‘कवच’ अपने-आप इमरजेंसी ब्रेक लगा देगा, जिससे मानवीय भूल की स्थिति में भी गंभीर टक्कर को पूरी तरह टाला जा सकेगा।
-
रियल-टाइम मॉनिटरिंग व हाई-स्पीड कम्युनिकेशन: कवच 4.0 में अत्याधुनिक रेडियो फ्रीक्वेंसी और जीपीएस आधारित ट्रैकिंग को जोड़ा गया है, जिससे घने कोहरे या प्रतिकूल मौसम में भी लोको कैब के भीतर सिग्नल की स्पष्ट स्थिति दिखती रहेगी।
नेटवर्क के आधुनिकीकरण को मिलेगी गति : रेलवे प्रशासन संपूर्ण देश के व्यस्ततम रेल गलियारों में कवच प्रणाली के विस्तार का सघन अभियान चला रहा है। लखनऊ मंडल में ₹252 करोड़ की इस नई परियोजना के पूर्ण होने से ट्रेनों की परिचालन गति में वृद्धि होगी, अनावश्यक देरी पर नियंत्रण लगेगा और यात्रियों का सफर पहले से कहीं अधिक सुरक्षित व समयबद्ध बन सकेगा।

