भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में संपन्न हुई मंत्रि-परिषद (कैबिनेट) की बैठक में प्रदेश के समग्र विकास, कृषि विस्तार, न्यायिक सुदृढ़ीकरण और युवा प्रतिभाओं को तराशने के लिए लगभग ₹13,790 करोड़ से अधिक के वित्तीय प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने खेल, स्वास्थ्य, ऊर्जा, जल संसाधन और कानून व्यवस्था से जुड़े कई दूरगामी और जनहितैषी फैसलों पर अपनी मुहर लगाई है।
कैबिनेट के प्रमुख बड़े निर्णय (एक नजर में): 1. 140 विधानसभा क्षेत्रों में खेल परिसर, बीच में बनेगा हेलीपैड (₹962.50 करोड़)
प्रदेश में खेल अधोसंरचना को ग्रामीण व कस्बाई स्तर तक पहुंचाने के लिए 140 विधानसभा क्षेत्रों में खेल परिसरों के निर्माण और संचालन को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है। इन खेल परिसरों का नामकरण ‘मुख्यमंत्री स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स’ होगा।
हेलीपैड की सुविधा: आपातकालीन स्थिति और ‘पीएमश्री योजना’ के अंतर्गत हेलीकॉप्टरों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए इन परिसरों के मुख्य मैदान के बीच में स्थायी हेलीपैड भी तैयार किया जाएगा।
2. सिंचाई विस्तार को शीर्ष प्राथमिकता: 88,000 हेक्टेयर में पहुंचेगा पानी
जावद-नीमच दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना: नीमच जिले के लिए ₹4,197.58 करोड़ की वित्तीय निरंतरता (2026–2031) मंजूर की गई। यह उन्नत प्रेशराइज्ड माइक्रो-इरिगेशन प्रोजेक्ट है, जिससे पाइपों के जरिए सीधे खेतों तक पानी पहुंचेगा और पानी की बर्बादी रुकेगी।
राजगढ़ की दो परियोजनाएं:
पार्वती रिन्सी सिंचाई परियोजना: ₹507.23 करोड़ की स्वीकृति; बांध बनाकर 48,000 हेक्टेयर में सिंचाई क्षमता विकसित की जाएगी।
सुठालिया सिंचाई परियोजना: ₹262.63 करोड़ की मंजूरी; सूक्ष्म सिंचाई पद्धति से 40,000 हेक्टेयर क्षेत्र सिंचित होगा।
3. न्यायिक तंत्र को ₹4,000 करोड़ से अधिक का संबल (16वें वित्त आयोग के तहत)
उच्च न्यायालय (भारित): हाईकोर्ट के संचालन और निरंतरता के लिए ₹2,015.60 करोड़।
परिवार न्यायालय: पारिवारिक मामलों के त्वरित निपटारे के लिए परिवार न्यायालयों के संचालन हेतु ₹1,000 करोड़।
ग्राम न्यायालय: ग्रामीण स्तर पर न्याय सुलभ कराने और स्टाफ के वेतन-भत्तों के लिए ₹554.61 करोड़।
विधिक सहायता बोर्ड: म.प्र. राज्य विधिक सहायता एवं सलाह बोर्ड के लिए ₹524 करोड़ की निरंतरता स्वीकृत।
4. 2800 मेगावाट ताप विद्युत (थर्मल पावर) क्रय को मंजूरी : प्रदेश की आगामी ऊर्जा आवश्यकताओं को सुरक्षित करने के लिए ऊर्जा विभाग (MP Power Management Company Ltd.) को प्रतिस्पर्धात्मक निविदा (DBFOO मॉडल) के जरिए राज्य में मौजूद, निर्माणाधीन व नई ग्रीनफील्ड/ब्राउनफील्ड ताप विद्युत परियोजनाओं से 2800 MW बिजली खरीदने की हरी झंडी दी गई।
5. चिकित्सा व प्रशासनिक कार्यालयों में नए पदों का सृजन : शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय, इंदौर: 13 नए चिकित्सा शिक्षकों (1 प्राध्यापक, 10 सह-प्राध्यापक, 2 सहायक प्राध्यापक) के पद स्वीकृत किए गए। इससे इंदौर में बीडीएस सीटें 63 से बढ़कर 100 और एमडीएस सीटें 35 से बढ़कर 44 हो सकेंगी।
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नवगठित जिलों में PHE कार्यालय:
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मैहर: जिला कार्यालय के लिए 5 स्थायी पद और 2 आउटसोर्स पद (उचेहरा ब्लॉक सतना अनुविभाग में रहेगा)।
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पांढुर्णा: नए जिला कार्यालय हेतु 5 स्थायी और 2 आउटसोर्स पद।
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सिंगरौली (चितरंगी ब्लॉक): नए अनुविभागीय कार्यालय के लिए 3 स्थायी और 1 आउटसोर्स पद स्वीकृत।
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वाणिज्यिक कर विभाग की 6 योजनाएं जारी रहेंगी (₹969.87 करोड़) : संपदा ई-रजिस्ट्री (₹62 करोड़), स्टाम्प बिक्री व्यय (₹664 करोड़), स्टाम्प लागत (₹175 करोड़), डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड आधुनिकीकरण (₹46.37 करोड़), परिसंपत्ति संधारण (₹12.50 करोड़) और उप पंजीयक भवनों के विस्तार (₹10 करोड़) के लिए कुल ₹969.87 करोड़ स्वीकृत किए गए।

