दतिया। भारतीय जनता पार्टी ने दतिया जिले में नए जिलाध्यक्ष की नियुक्ति कर दी है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के निर्देश पर जारी संगठनात्मक आदेश के तहत माधवेन्द्र सिंह परिहार को दतिया भाजपा की जिला इकाई की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रदेश कार्यालय मंत्री श्याम महाजन द्वारा जारी पत्र के अनुसार, उनकी नियुक्ति 22 सितंबर 2026 से तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।
उपचुनाव में शिकस्त के बाद पूरी जिला इकाई को कर दिया था भंग गौरतलब है कि दतिया विधानसभा उपचुनाव के नतीजों में भाजपा को मिली अप्रत्याशित हार के बाद पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने कड़ा रुख अपनाया था। प्रदेश नेतृत्व ने 4 अगस्त को बड़ा फैसला लेते हुए दतिया जिले की समूची संगठनात्मक संरचना को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया था।
इसके तहत तत्कालीन जिलाध्यक्ष, समस्त जिला पदाधिकारी, जिला कार्यसमिति के साथ-साथ सभी मंडल, मोर्चा, प्रकोष्ठ, प्रकल्प और विभिन्न विभागों की इकाइयों को एकमुश्त पदमुक्त कर दिया गया था। इस संगठनात्मक शून्य के बाद लंबे समय से नए नेतृत्व की तलाश थी, जिस पर अब मुहर लग गई है।
कौन हैं नए जिलाध्यक्ष माधवेन्द्र सिंह परिहार?
● आरएसएस की मजबूत पृष्ठभूमि : माधवेन्द्र सिंह परिहार युवावस्था से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े रहे हैं और संगठन के अनुशासित व निष्ठावान कार्यकर्ता माने जाते हैं।
● 30 साल पहले रहे भाजयुमो जिलाध्यक्ष : वे करीब तीन दशक पूर्व (30 वर्ष पहले) भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के जिलाध्यक्ष के रूप में युवाओं का नेतृत्व कर चुके हैं। इसके अलावा वे संगठन में जिला उपाध्यक्ष और जिला महामंत्री जैसे अहम दायित्वों का भी कुशलतापूर्वक निर्वहन कर चुके हैं।
● शैक्षणिक योग्यता व सामाजिक दायित्व : स्नातक तक शिक्षित और अविवाहित परिहार सामाजिक सरोकारों में भी निरंतर सक्रिय हैं। वर्तमान में वे भारत स्काउट एवं गाइड संघ दतिया के जिलाध्यक्ष का दायित्व भी संभाल रहे हैं।

राजनीतिक मायने: कांग्रेस के क्षत्रिय प्रभाव की काट में भाजपा की नई रणनीति : राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, दतिया में माधवेन्द्र सिंह परिहार को कमान सौंपकर भाजपा ने बेहद सधा हुआ सामाजिक और जातीय समीकरण साधा है:
क्षत्रिय समाज में मजबूत पैठ: वर्तमान में कांग्रेस विधायक घनश्याम सिंह क्षत्रिय समाज से आते हैं और क्षेत्र के सामाजिक समीकरणों पर उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। ऐसे में भाजपा ने भी क्षत्रिय समाज के निष्ठावान, सुलझे हुए और बेदाग छवि वाले नेता माधवेन्द्र सिंह परिहार को जिलाध्यक्ष बनाकर समाज को लामबंद करने का ठोस राजनीतिक दांव चला है।
नए सिरे से संगठन खड़ा करने की चुनौती : जिले के सभी मोर्चों, प्रकोष्ठों और मंडलों के भंग होने के बाद अब नए जिलाध्यक्ष के सामने दतिया में नए सिरे से सशक्त व ऊर्जावान कार्यकारिणी गठित करने, कार्यकर्ताओं में नया जोश भरने और आपसी समन्वय बनाकर पार्टी को फिर से मजबूती प्रदान करने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होगी।

