मध्य प्रदेश कैबिनेट के बड़े फैसले: वर्दीधारी पदों पर अग्निवीरों को मिलेगा 20% आरक्षण; प्रदेश के विकास के लिए ₹24,500 करोड़ से अधिक की योजनाओं को मंजूरी

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में मध्य प्रदेश के सर्वांगीण विकास और जनकल्याण को गति देने के लिए ₹24,500 करोड़ से अधिक के नीतिगत व वित्तीय प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। युवाओं के रोजगार और भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए सरकार ने प्रदेश की सभी प्रमुख वर्दीधारी सेवाओं में अग्निवीरों को 20 प्रतिशत क्षैतिज (Horizontal) आरक्षण देने का क्रांतिकारी निर्णय लिया है।

इसके साथ ही स्कूली शिक्षा, चिकित्सा अधोसंरचना, सिंचाई परियोजनाओं और सड़क नेटवर्क के लिए खजाना खोलते हुए 76 हजार से अधिक अतिथि शिक्षकों, स्कूली छात्रों और किसानों के हित में कई बड़े प्रावधान किए गए हैं।

वर्दीधारी सेवाओं में अग्निवीरों को 20% आरक्षण, पूर्व सैनिकों व होमगार्ड का कोटा तय

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार पुलिस, वन, जेल और आबकारी महकमे में आरक्षण की नई व्यवस्था लागू कर दी गई है:

  • पुलिस आरक्षक (जीडी) व विशेष सशस्त्र बल (SAF): अग्निवीरों को 20%, होमगार्ड को 10% और भूतपूर्व सैनिकों को 5% क्षैतिज आरक्षण।

  • जेल प्रहरी व वन रक्षक भर्ती: अग्निवीरों को 20%, होमगार्ड को 15% और भूतपूर्व सैनिकों को 5% आरक्षण।

  • आबकारी आरक्षक: अग्निवीरों को 20%, होमगार्ड को 10% और भूतपूर्व सैनिकों को 5% आरक्षण प्रदान किया जाएगा।

शिक्षा और मानदेय: 76 हजार अतिथि शिक्षकों को बड़ी राहत

  • अतिथि शिक्षकों का मानदेय सुरक्षित: प्रदेश के प्राथमिक से लेकर हायर सेकेंडरी स्कूलों में कार्यरत 76 हजार से अधिक अतिथि शिक्षकों के मानदेय भुगतान हेतु आगामी 5 वर्षों (2026-27 से 2030-31) के लिए ₹5,329.17 करोड़ की स्वीकृति दी गई।

  • कक्षा 1 से 8 तक गणवेश राशि: शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को सत्र 2026-27 में गणवेश की राशि सीधे बैंक खातों में (DBT) अंतरित करने के लिए ₹348.07 करोड़ मंजूर किए गए।

सिंचाई परियोजनाओं को भारी बजट: दतिया की मां रतनगढ़ परियोजना को ₹1608 करोड़

प्रदेश में सिंचाई रकबा बढ़ाने और आगामी सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए प्रमुख जल परियोजनाओं की निरंतरता को हरी झंडी दी गई:

  • माँ रतनगढ़ बहुउद्देशीय परियोजना (दतिया): दतिया जिले के 78,484 हेक्टेयर क्षेत्र में माइक्रो इरिगेशन क्षमता विकसित करने के लिए ₹1,608.02 करोड़ मंजूर किए गए (2026-27 से 2030-31 तक)।

  • कान्ह डायवर्सन परियोजना (उज्जैन): सिंहस्थ 2028 के मद्देनजर पवित्र शिप्रा नदी को शुद्ध रखने के लिए प्रदूषित कान्ह नदी के पानी को 30.15 किमी भूमिगत टनल और बंद नहर से गंभीर नदी में मोड़ने हेतु ₹358.22 करोड़ स्वीकृत।

  • बण्डा वृहद सिंचाई परियोजना (सागर): धसान नदी पर प्रस्तावित परियोजना से सागर के 80,000 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई के लिए ₹1,052 करोड़ की स्वीकृति।

  • रामपुरा मनासा सूक्ष्म उद्वहन परियोजना (नीमच): गांधीसागर जलाशय से जल उद्वहन कर नीमच के 65,400 हेक्टेयर क्षेत्र की सिंचाई हेतु ₹524.65 करोड़ मंजूर।

स्वास्थ्य व सड़क अधोसंरचना: दमोह-कटनी 4-लेन और अस्पतालों का विस्तार

  • दमोह-कटनी 4-लेन मार्ग: 105.10 किलोमीटर लंबे दमोह-कटनी मार्ग को पेव्ड शोल्डर सहित 4-लेन में अपग्रेड करने के लिए हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM) के तहत ₹4,470.30 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई।

  • सिंगरौली जिला अस्पताल (605 बेड): सिंगरौली अस्पताल की क्षमता 450 से बढ़ाकर 605 बिस्तर करने, उपकरण व आधुनिक फर्नीचर के लिए ₹372.12 करोड़ की पुनरीक्षित स्वीकृति दी गई।

  • छिंदवाड़ा मेडिकल कॉलेज अस्पताल: छिंदवाड़ा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज अस्पताल निर्माण के लिए ₹953.69 करोड़ की पुनरीक्षित वित्तीय मंजूरी जारी की गई।

  • स्वास्थ्य केंद्र व ड्रग रेगुलेशन: प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवनों और औषधि नियंत्रण प्रणाली को सुदृढ़ बनाने के लिए ₹3,245.80 करोड़ स्वीकृत किए गए।

Share

Share on whatsapp
Share on facebook
Share on twitter