गुंटूर/अमरावती। आंध्र प्रदेश के ग्रामीण उत्थान और बुनियादी ढांचे के विकास को ऐतिहासिक गति देते हुए केंद्रीय कृषि, किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को राज्य के गरीबों को ₹3,600 करोड़ की लागत से 3 लाख पक्के मकानों की पहली किस्त सौंपी। गुंटूर जिले के ऐतिहासिक गांव बुर्रीपालेम (तेनाली मंडल) में आयोजित विशाल जनसभा में मुख्यमंत्री नारा चंद्रबाबू नायडू की मौजूदगी में देश की पहली 3D कंक्रीट प्रिंटिंग हाउसिंग पायलट परियोजना की आधारशिला भी रखी गई।
सभा में उमड़े भारी जनसैलाब को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमरावती में मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की ‘एक और एक ग्यारह’ वाली जोड़ी आंध्र प्रदेश को देश का नंबर-1 राज्य बनाने के लिए 360 डिग्री विकास कर रही है।
76 हजार के बदले दिए 3 लाख घर; ‘मांगेंगे 9 लाख तो वो भी देंगे’
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंच से घोषणा करते हुए नौकरशाही की सीमाओं से परे जाकर मदद का ऐलान किया:
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एक झटके में चौगुना किया कोटा: विभागीय अधिकारियों ने आंध्र प्रदेश के लिए केवल 76,000 आवासों का कोटा प्रस्तावित किया था, लेकिन मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के आग्रह पर इसे सीधे बढ़ाकर 3 लाख कर दिया गया।
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बाकी 6 लाख आवासों का भी वादा: केंद्रीय मंत्री ने कहा, “बाबू ने मुस्कुराते हुए कहा कि ‘दिल मांगे मोर’ और हमें कुल 9 लाख मकान चाहिए। मैंने उनसे कहा कि पूरी भारत सरकार आपकी है और मैं भी आपका हूँ। आप ये 3 लाख मकान पूरे कीजिए, इसके बाद 3-3 लाख की दो और किस्तें तुरंत जारी की जाएंगी। राज्य में हर बेघर को पक्की छत मिलेगी।”
देश की पहली 3D कंक्रीट प्रिंटिंग तकनीक: 6 महीने में बनकर तैयार होंगे मजबूत आशियाने
बुर्रीपालेम और ओबुलनायडुपालेम में ₹14 करोड़ की लागत से 177 पायलट आवासों की नींव रखी गई:
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समय और लागत में भारी बचत: आधुनिक रोबोटिक मशीनरी और 3D कंक्रीट प्रिंटिंग तकनीक से तैयार होने वाले ये घर मात्र 6 महीने में पूर्ण हो जाएंगे।
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अभूतपूर्व मजबूती: पारंपरिक निर्माण तकनीकों की तुलना में यह तकनीक श्रम और समय की बचत करने के साथ-साथ प्राकृतिक आपदाओं के प्रति कई गुना अधिक टिकाऊ और मजबूत आवास प्रदान करेगी।
‘एमपी का मामा हूँ तो एपी का भी मामा हूँ’: ठेठ तेलुगु में बांधा समां
केंद्रीय मंत्री ने अपने भाषण की शुरुआत ठेठ तेलुगु भाषा में ‘भारत माता की जय’ और ‘श्री वेंकटेश्वर भगवान की जय’ के जयघोष से की:
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जनता की सेवा ही पूजा: उन्होंने कहा कि तेनालीराम की पावन भूमि ज्ञान, प्रतिभा और समृद्ध परंपराओं का संगम है तथा तेलुगु भाषा शहद से भी मीठी है।
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‘मामा’ का आत्मीय रिश्ता: उन्होंने कहा, “अगर मैं मध्य प्रदेश का मामा हूँ, तो आंध्र प्रदेश का भी मामा ही हूँ। जनता की सेवा ही मेरे लिए ईश्वर की पूजा है। यहां की जनता का उत्साह देखकर दिल से एक ही आवाज आती है—’सचमुच तुमसे मिलने को जी करता है रे बाबा!'”
अमरावती, पोलावरम और 60 लाख ‘लखपति दीदी’ का मिशन
एनडीए सरकार के साझा विजन को रेखांकित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने प्रमुख विकास परियोजनाओं का उल्लेख किया:
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अमरावती को मिला कानूनी अधिकार: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में कानून बनाकर अमरावती को आंध्र प्रदेश की एकमात्र स्थायी राजधानी का दर्जा दिलाया और ₹15,000 करोड़ की विशेष सहायता दी। वहीं, पोलावरम सिंचाई परियोजना को केंद्र सरकार की 100% ग्रांट से पूरा कराया जा रहा है।
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किसानों को ₹20,000 सालाना: पीएम-किसान सम्मान निधि के ₹6,000 में मुख्यमंत्री नायडू ने ‘अन्नदाता सुखी भव’ के ₹14,000 जोड़कर अन्नदाताओं को ₹20,000 की वार्षिक सहायता उपलब्ध कराई है।
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महिला सशक्तीकरण व राष्ट्रीय सरस मेला: प्रदेश में 23 लाख बहनें लखपति दीदी बन चुकी हैं, जिसे बढ़ाकर 60 लाख किया जाएगा। उन्होंने ऐलान किया कि देश के इतिहास में पहली बार दिल्ली से बाहर राष्ट्रीय ‘सरस मेला’ 15 अक्टूबर को आंध्र में आयोजित होगा, जिसका उद्घाटन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी।

