एकता नगर में ‘चिंतन शिविर 2026’ का आगाज : नितिन गडकरी ने तय किया भविष्य के हाईवे नेटवर्क का रोडमैप, सड़क सुरक्षा व लागत घटाने पर जोर

एकता नगर (गुजरात)। देश के राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क को अधिक सुरक्षित, आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने के उद्देश्य से केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को गुजरात के नर्मदा जिले के एकता नगर (स्टैच्यू ऑफ यूनिटी) स्थित टेंट सिटी-2 में दो दिवसीय राष्ट्रीय ‘चिंतन शिविर 2026’ का उद्घाटन किया। ‘गतिशक्ति से प्रगति’ के आदर्श वाक्य पर आधारित इस राष्ट्रीय सम्मेलन में विभिन्न राज्यों के लोक निर्माण विभाग (PWD) व परिवहन मंत्री, नीति निर्माता और वरिष्ठ तकनीकी विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं।

सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह शिविर केंद्र और राज्यों के बीच जमीनी स्तर के अनुभवों को साझा करने और राजमार्गों के निर्माण में आने वाली अड़चनों को दूर करने का एक प्रभावी साझा मंच है। उन्होंने कहा कि राज्यों में लागू सफल मॉडलों का अध्ययन कर उन्हें देश के अन्य हिस्सों में भी अपनाया जाना चाहिए ताकि समय और लागत दोनों की बचत हो सके।

प्रोजेक्ट के पहले दिन से ही शामिल हो सड़क सुरक्षा और सटीक डीपीआर : केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने निर्माण एजेंसियों और अधिकारियों को परियोजनाओं की बुनियादी योजना पर ध्यान देने के निर्देश दिए:

  • डीपीआर स्तर पर न हो चूक: डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करते समय ही सटीक सर्वे, अलाइनमेंट, जमीन अधिग्रहण और यूटिलिटी शिफ्टिंग जैसे कार्यों को पूरा कर लिया जाए, ताकि निर्माण के दौरान प्रोजेक्ट अटके नहीं और लागत में बढ़ोतरी न हो।

  • दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट्स की पहचान: सड़क सुरक्षा को योजना के पहले चरण से ही प्राथमिकता दी जानी चाहिए। सड़कों के डिजाइन में ही सुरक्षा मानकों को इस तरह शामिल किया जाए कि हादसों में भारी कमी लाई जा सके।

मल्टी-लेन फ्री-फ्लो तकनीक और टोल सुधारों पर जोर : यात्रियों के सुगम सफर के लिए मंत्रालय द्वारा लागू की जा रही आधुनिक तकनीकों का उल्लेख करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा:

  • फास्टैग एनुअल पास और एमएलएफएफ: टोल प्लाजा पर वाहनों की कतार खत्म करने के लिए ‘मल्टी-लेन फ्री फ्लो’ (MLFF) बैरियर-लेस टोलिंग सिस्टम और फास्टैग वार्षिक पास जैसी तकनीकों को तेजी से बढ़ाया जा रहा है।

  • कम लागत में मजबूत सड़कें: निर्माण और मेंटेनेंस की लागत घटाने के लिए रिसाइकल्ड मैटेरियल, आधुनिक वेस्ट-टू-वेल्थ सामग्री और नई अंतरराष्ट्रीय तकनीकों के इस्तेमाल पर बल दिया गया।

पर्यावरण संरक्षण और ब्रिक्स संकलन जारी : सम्मेलन के दौरान हरित राजमार्गों (Green Highways) और सतत विकास से जुड़े अहम कदम उठाए गए:

  • पर्यावरण व वन्यजीव संरक्षण दस्तावेज: सड़कों के निर्माण के साथ जैव विविधता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उद्घाटन सत्र में पर्यावरण एवं वन्यजीव संरक्षण उपायों पर आधारित एक आधिकारिक दस्तावेज जारी किया गया।

  • सतत परिवहन दृष्टिकोण पर ब्रिक्स कंपेंडियम: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संवहनीय और भविष्य-उपयोगी ट्रांसपोर्ट मॉडल को समझने के लिए सतत परिवहन दृष्टिकोण पर केंद्रित एक विशेष ब्रिक्स संकलन भी जारी किया गया।

इस दो दिवसीय चिंतन शिविर में पीएम गतिशक्ति, भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया, सड़क सुरक्षा मानक, मॉडल रियायत समझौते और आधुनिक प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर तकनीकी सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।

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