दतिया। विश्व सेरेब्रल पाल्सी दिवस के उपलक्ष्य में भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी (जिला शाखा दतिया) एवं जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र (DDRC) के संयुक्त तत्वावधान में विशेष स्वास्थ्य परीक्षण, जागरूकता एवं परामर्श शिविर आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने सेरेब्रल पाल्सी से प्रभावित बच्चों का आत्मीय सम्मान कर उनका उत्साहवर्धन किया तथा परिजनों से सीधा संवाद किया।

कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने कहा कि सेरेब्रल पाल्सी से जूझ रहे बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए समान अवसर उपलब्ध कराना प्रशासन व समाज दोनों की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने परिजनों को आश्वस्त किया कि बच्चों के समुचित पुनर्वास और स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए हर संभव सहयोग सुनिश्चित किया जाएगा।
विशेषज्ञ डॉक्टरों ने की जांच, दी फिजियोथेरेपी की सलाह : शिविर में वरिष्ठ चिकित्सकों और फिजियोथेरेपिस्ट की टीम ने बच्चों का व्यक्तिगत परीक्षण कर अभिभावकों को महत्वपूर्ण चिकित्सकीय परामर्श दिया:
➝ नियमित थेरेपी जरूरी: डॉ. राजेश गुप्ता, डॉ. दिनेश कुमार गुप्ता एवं डॉ. कुमैल जैदी ने बच्चों की जांच कर अभिभावकों को बताया कि समय पर पहचान, निरंतर फिजियोथेरेपी और स्पीच थेरेपी से बच्चों की मांसपेशियों के संचालन में बड़ा सुधार संभव है।
➝ दैनिक देखभाल का मार्गदर्शन: डॉक्टरों ने परिजनों को घर पर की जाने वाली जरूरी कसरतों, पोषण और सहायक उपकरणों (Assistive Devices) के सही उपयोग की तकनीक समझाई।

‘दया नहीं, बच्चों की क्षमताओं पर भरोसा करने की जरूरत’: अमित अग्रवाल : रेडक्रॉस राज्य प्रबंध समिति के सदस्य अमित अग्रवाल ने अभिभावकों और उपस्थित नागरिकों को संबोधित करते हुए एक संवेदनशील दृष्टिकोण साझा किया: उन्होंने कहा कि इन बच्चों को किसी की दया या सहानुभूति की नहीं, बल्कि समाज के सम्मान, प्रोत्साहन और हमारे अटूट विश्वास की आवश्यकता है।
समाज को बच्चों की शारीरिक सीमाओं या कमियों को देखने के बजाय उनकी छिपी क्षमताओं और संभावनाओं को पहचानना चाहिए। हर बच्चे के सीखने और आगे बढ़ने की गति भिन्न हो सकती है, लेकिन सम्मानपूर्वक जीने और आगे बढ़ने का अधिकार सभी का एक समान है।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में रेडक्रॉस सोसायटी दतिया के सचिव पुनीत तिलवानी, कामिनी शर्मा, DDRC एवं रेडक्रॉस के सदस्यों तथा अन्य सहयोगी चिकित्सकों और कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण सहभागिता रही।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सेरेब्रल पाल्सी से प्रभावित बच्चे, उनके अभिभावक, चिकित्सक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। आयोजन का मुख्य उद्देश्य प्रभावित बच्चों एवं उनके परिवारों को चिकित्सा, पुनर्वास, सामाजिक सहयोग और सही मार्गदर्शन से जोड़कर उनका आत्मविश्वास बढ़ाना रहा।

