बुंदेलखंड बना चीतों का तीसरा घर : नौरादेही टाइगर रिजर्व में छोड़े गए ‘व्योम’ और ‘नीरा’, अब एक ही जंगल में दिखेंगे बाघ और चीता !

सागर/भोपाल। मध्य प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण और ईको-टूरिज्म के विस्तार की दिशा में एक नया अध्याय जुड़ गया है। कूनो नेशनल पार्क और गांधी सागर अभयारण्य के बाद अब बुंदेलखंड स्थित वीरांगना दुर्गावती (नौरादेही) टाइगर रिजर्व चीतों का तीसरा प्राकृतिक ठिकाना बन गया है। बुधवार को सागर जिले के रहली में आयोजित वन्यजीव सप्ताह के समापन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दो चीतों—नर ‘व्योम’ और मादा ‘नीरा’ को सुरक्षित सॉफ्ट-रिलीज बोमा (विशेष बाड़े) में विमुक्त किया।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 41 साल पहले स्थापित नौरादेही का यह जंगल अब देश के सबसे अनूठे अभयारण्यों में शामिल हो गया है, जहां आने वाले सैलानियों को एक ही वन क्षेत्र में बाघ और चीता दोनों स्वच्छंद विचरण करते दिखाई देंगे। वर्तमान में मध्य प्रदेश में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 60 तक पहुंच गई है।

अगले महीने आएंगे 2 और चीते, चीता मित्रों से किया संवाद : कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने चीता मित्रों और स्थानीय ‘बाघिन दीदियों’ से सीधा संवाद कर उनके प्रयासों की सराहना की:

  • कुनबे का विस्तार: मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि नौरादेही के विशाल प्राकृतिक घास के मैदानों को देखते हुए अगले माह यहां दो और चीते लाए जाएंगे।

  • सह-अस्तित्व का संदेश: उन्होंने कहा कि वन्यजीव वनों के सच्चे आभूषण हैं। मानव और वन्यजीव दोनों सह-अस्तित्व की भावना और अनुशासन के साथ रहें, यही सरकार की प्राथमिकता है।

वन समितियों को ₹20 करोड़ का लाभांश, बफर जोन में होमस्टे को बढ़ावा : स्थानीय ग्रामीणों और वन समितियों की आर्थिक मजबूती के लिए मुख्यमंत्री ने कई घोषणाएं कीं:

  • पर्यटन आय का वितरण: नौरादेही टाइगर रिजर्व के आसपास पर्यटन सुविधाएं उपलब्ध कराने वाली समितियों को 80 करोड़ रुपये की कुल आय में से 20 करोड़ रुपये की लाभांश राशि वितरित की गई।

  • होमस्टे के लिए अनुदान: बफर जोन के गांवों में रहने वाले लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए होमस्टे योजना शुरू की गई है। अपने घरों में 1-2 कमरे पर्यटकों के लिए तैयार करने वाले ग्रामीणों को सरकार 2 से 3 लाख रुपये का अनुदान दे रही है।

  • दुग्ध संकलन समितियां: पशुपालकों को दूध का सही मूल्य दिलाने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर दुग्ध सहकारी समितियां गठित की जा रही हैं।

पर्यटन से खुलेंगे रोजगार के नए रास्ते: जनप्रतिनिधि : समारोह को संबोधित करते हुए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि नौरादेही में चीतों के आगमन से सागर और पूरे बुंदेलखंड में पर्यटन व होटल व्यवसाय को रफ्तार मिलेगी। वहीं विधायक गोपाल भार्गव ने नौरादेही के संरक्षण की 41 साल पुरानी यात्रा को याद किया। क्षेत्रीय सांसद राहुल सिंह ने पर्यटकों की सुविधा के लिए स्थानीय युवाओं को गाइड बनाने हेतु विशेष भाषाई प्रशिक्षण केंद्र खोलने की मांग रखी।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने ‘गिद्ध संख्या आकलन 2026’ पुस्तक, बुंदेली बोली में तैयार वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व के जागरूकता पोस्टर और ‘बाघिन दीदी’ अभियान के ब्रोशर का विमोचन किया।

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