भोपाल/नीमच/धार। मध्य प्रदेश में नशे के अवैध कारोबार और खेती के विरुद्ध पुलिस ने अब तक की बड़ी संयुक्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। नीमच और धार जिलों में पुलिस टीमों ने सघन तलाशी अभियान और ड्रोन सर्विलांस के जरिए 8 अलग-अलग खेतों में लहलहा रही गांजे की अवैध खेती का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से 34 क्विंटल (लगभग 4,863 किलोग्राम) से अधिक वजन के 52 हजार से ज्यादा हरे गांजे के पौधे उखाड़कर जब्त किए हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में जब्त मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत 5 करोड़ 89 लाख 49 हजार रुपए आंकी गई है। दोनों जिलों में भूमि स्वामियों और काश्तकारों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत 8 अलग-अलग आपराधिक प्रकरण दर्ज किए गए हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की नशा-मुक्त मध्य प्रदेश की मंशा और पुलिस महानिदेशक (DGP) कैलाश मकवाणा के निर्देश पर चलाए जा रहे इस अभियान के तहत आधुनिक तकनीक और मुखबिर तंत्र का समन्वय देखने को मिला।
नीमच: मक्के की आड़ और पत्थरों की ऊंची दीवार बनाकर उगाई जा रही थी फसल : नीमच जिले में पुलिस अधीक्षक राजेश व्यास के नेतृत्व में कुकड़ेश्वर, मनासा और रामपुरा थाने की चार संयुक्त टीमों ने यह कार्रवाई की :-
● ड्रोन से की गई हवाई टोह: तस्करों ने गांजे के पौधों को छिपाने के लिए खेतों के चारों ओर पत्थरों की ऊंची दीवारें बना रखी थीं और बीच में मक्के की फसल बोई थी। पुलिस ने पहले ड्रोन कैमरों से हवाई सर्वेक्षण कर सटीक लोकेशन चिन्हित की।
● 2.79 करोड़ की जब्ती: खेतों की घेराबंदी कर पुलिस ने 27.95 क्विंटल वजनी 51,000 हरे गांजे के पौधे उखाड़े, जिनका बाजार मूल्य 2 करोड़ 79 लाख 50 हजार रुपए है। इस मामले में चार आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किए गए हैं।
धार: ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत कपास और तुअर के बीच मिले 3.09 करोड़ के पौधे : धार जिले में पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा के मार्गदर्शन में मनावर और बाग पुलिस ने ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत ताबड़तोड़ छापे मारे:
● मनावर का बोहारला गांव: उमरबन चौकी क्षेत्र में पुलिस की तीन टीमों ने एक साथ दबिश दी। यहां कपास और तुअर की फसल के बीच छुपाकर लगाए गए 1,223 बड़े गांजे के पौधे (वजन 1,621.98 किग्रा) जब्त किए गए, जिनकी कीमत करीब 2.43 करोड़ रुपए है।
● बाग का कनेरी गांव: डेहरी चौकी पुलिस ने बैकल्यापुरा स्थित एक खेत से कपास की फसल के बीच लगाए गए 586 पौधे (वजन 446.6 किग्रा, कीमत 66.99 लाख रुपए) बरामद किए।
● धार जिले में दोनों कार्रवाइयों को मिलाकर कुल 2,068.58 किलोग्राम वजन के 1,809 पौधे (मूल्य 3 करोड़ 9 लाख रुपए) जब्त कर चार अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं।

