भोपाल/रीवा। विंध्य अंचल के बहुप्रतीक्षित विकास स्वप्न को साकार करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को सतना–देवेंद्रनगर और रीवा–चुरहट दो नए रेलखंडों का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विधिवत उद्घाटन किया। इसके साथ ही नवनिर्मित ट्रैक पर देवेंद्रनगर–चुरहट नई ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
इस लोकार्पण के साथ ही मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र में एक नया इतिहास दर्ज हो गया—आजादी के 79 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद आदिवासी बाहुल्य सीधी जिला पहली बार देश के आधिकारिक रेल मानचित्र से सीधे जुड़ गया है। सतना–देवेंद्रनगर रेलखंड की कुल लंबाई 53 किलोमीटर है, जबकि रीवा–चुरहट रेलखंड 65 किलोमीटर लंबा है। इन दोनों रेल मार्गों के चालू होने से सतना, पन्ना (देवेंद्रनगर), रीवा और सीधी (चुरहट) के बीच दशकों से सड़क मार्ग पर निर्भर आवागमन को तेज, सुरक्षित और किफायती विकल्प मिल गया है।
सीधी का ऐतिहासिक रेल प्रवेश: छात्र, मरीज और व्यापारी होंगे लाभान्वित : चुरहट तक रेल लाइन के विस्तार के साथ सीधी जिले का सीधा जुड़ाव बड़े आर्थिक बदलाव की नींव रखेगा:
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सुलभ और किफायती यात्रा: अब तक रेल यात्रा के लिए रीवा या सतना पर निर्भर रहने वाले सीधी जिले के विद्यार्थियों, प्रतियोगी परीक्षार्थियों, गंभीर मरीजों और कर्मचारियों को घर के पास से ही सीधी ट्रेन सेवा उपलब्ध होगी।
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सड़क परिवहन पर घटेगा दबाव: देवेंद्रनगर से चुरहट तक चलने वाली सीधी ट्रेन से दैनिक यात्रियों के सफर के समय और जेब खर्च में भारी कमी आएगी।
उद्योग, खनिज परिवहन और पर्यटन को मिलेगा नया संबल : विंध्य अंचल में नए रेल नेटवर्क के विस्तार से औद्योगिक व सामाजिक परिदृश्य में व्यापक बदलाव की उम्मीद है:
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खनिज और कृषि उत्पादों की सुगम ढुलाई: विंध्य के प्रचुर खनिज संपदा, सीमेंट क्लस्टर, वनोपज और कृषि उत्पादों को देश के प्रमुख थोक बाजारों और औद्योगिक केंद्रों तक पहुंचाने के लिए लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी।
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धार्मिक व प्राकृतिक पर्यटन को गति: रीवा के मुकुंदपुर व्हाइट टाइगर सफारी, चित्रकूट, मैहर और संजय-डुबरी नेशनल पार्क जैसे ऐतिहासिक, प्राकृतिक और धार्मिक पर्यटन स्थलों तक सैलानियों की आवाजाही पहले से कहीं अधिक सुगम होगी, जिससे स्थानीय होटल, परिवहन और ह

