ईएसआईसी की ‘नई माफी योजना 2025’ की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2026 तक बढ़ी : नियोक्ताओं को मुकदमों के निपटारे के लिए मिला 3 महीने का अतिरिक्त समय

नई दिल्ली। कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) ने नियोक्ताओं और बीमित व्यक्तियों को बड़ी राहत देते हुए अपनी एकमुश्त विवाद समाधान पहल ‘नई माफी योजना, 2025’ (New Amnesty Scheme, 2025) की समय-सीमा में तीन महीने का विस्तार कर दिया है। विभिन्न औद्योगिक संगठनों और हितधारकों के अभ्यावेदनों पर विचार करने के बाद निगम ने इस योजना की वैधता मौजूदा नियमों और शर्तों के साथ 31 दिसंबर 2026 तक बढ़ा दी है। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार यह योजना 30 सितंबर 2026 को समाप्त हो रही थी, जिसे अब 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी मानकर वर्ष के अंत तक निरंतर रखा गया है।

ईएसआईसी की यह पहल विभिन्न न्यायिक मंचों पर लंबित मुकदमों की संख्या कम करने, स्वैच्छिक अनुपालन को बढ़ावा देने और कारोबार सुगमता (Ease of Doing Business) को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है।

अदालत के बाहर कानूनी विवाद निपटाने का सुव्यवस्थित तंत्र

नई माफी योजना 2025 नियोक्ताओं को ईएसआईसी से जुड़े पुराने कानूनी व वित्तीय विवादों को आपसी सहमति से निपटाने के लिए विशेष अवसर प्रदान करती है:

  • तदर्थ निर्धारण का निपटारा: नियोक्ता केवल वास्तविक अंशदान (Actual Contribution) और उस पर देय ब्याज का भुगतान कर अपने तदर्थ निर्धारण के मामलों को समाप्त करा सकते हैं। ऐसे प्रकरणों में किसी भी प्रकार का दंडात्मक हर्जाना (Damages) नहीं वसूला जाएगा।

  • हर्जाना विवादों में 10% पर राहत: जिन मामलों में नियोक्ताओं ने पूर्व में ही मूल बकाया राशि जमा कर दी है, वे विवादित हर्जाना राशि का महज 10 प्रतिशत भुगतान कर अपने खिलाफ दायर अदालती मामलों को वापस करा सकते हैं।

  • अभिलेख व विलंब संबंधी केस वापसी: दस्तावेज प्रस्तुत न करने या अंशदान में देरी के आधार पर ईएसआईसी द्वारा दर्ज कराए गए मामलों को भी अदालत की अनुमति से वापस लिया जा सकेगा, बशर्ते नियोक्ता ने बाद में नियमों का अनुपालन पूरा कर लिया हो।

  • पात्रता की सीमा: योजना का लाभ उन्हीं अदालती विवादों को मिलेगा जो 31 मार्च 2025 तक विभिन्न न्यायालयों में दर्ज किए जा चुके हैं।

कारोबार सुगमता और कामगारों के हितों में संतुलन

ईएसआईसी ने स्पष्ट किया है कि यह योजना नियोक्ताओं के लिए व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत करते हुए बीमित कर्मचारियों के सामाजिक सुरक्षा अधिकारों को पूर्ण रूप से संरक्षित करती है। निगम ने सभी पात्र संस्थानों और नियोक्ताओं से अपील की है कि वे 31 दिसंबर 2026 की अंतिम तिथि से पूर्व ईएसआईसी के आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध दिशा-निर्देशों के अनुसार आवेदन कर मुकदमों से स्थायी मुक्ति पाएं।

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