सर्दियों में कोहरे से निपटने विमानन मंत्रालय अलर्ट : सचिव समीर कुमार सिन्हा ने ली हाई-लेवल बैठक, यात्रियों की सुविधा पर जोर !

नई दिल्ली। आगामी शीतकालीन मौसम में घने कोहरे के चलते हवाई उड़ानों में होने वाले व्यवधान और यात्रियों की परेशानियों को न्यूनतम करने के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मंत्रालय के सचिव समीर कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी शीत सत्र (2026-27) के दौरान रनवे संचालन, कम दृश्यता (लो विजिबिलिटी) प्रक्रियाओं और हवाई अड्डों पर यात्री प्रबंधन के लिए सभी हितधारकों की तैयारियों की समीक्षा की गई।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार देश के प्रमुख हवाई अड्डों पर घने कोहरे का मुख्य प्रभाव 15 दिसंबर 2026 से 15 फरवरी 2027 के बीच रहने का अनुमान है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि एयरलाइंस और एयरपोर्ट संचालक उड़ान में देरी, रद्दीकरण या समय परिवर्तन की अग्रिम सूचना यात्रियों को समय पर दें, ताकि उन्हें एयरपोर्ट पहुंचकर अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

DGCA और एयरलाइंस को सख्त निर्देश: योग्य क्रू और समय पर सूचना अनिवार्य : बैठक में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA), एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI), दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट तथा प्रमुख विमानन कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों ने भाग लिया:

  • कैट-3 पायलट और विमान की तैनाती: एयरलाइंस कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि वे कम दृश्यता प्रक्रियाओं (CAT-III Compliant) के लिए प्रशिक्षित पायलटों और योग्य विमानों की उपलब्धता सुनिश्चित करें।

  • समय पर डिजिटल अपडेट्स: उड़ानों में देरी, रद्दीकरण या शेड्यूल बदलाव की जानकारी एसएमएस, व्हाट्सएप, ईमेल और मोबाइल ऐप के माध्यम से यात्रियों को तत्काल उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे बिना पुख्ता सूचना के एयरपोर्ट न पहुंचें।

  • हेल्पडेस्क पर अधिकार-संपन्न स्टाफ: लंबे समय तक उड़ानों में देरी की स्थिति में टर्मिनलों पर यात्रियों के आक्रोश को टालने के लिए एयरलाइंस को ऐसे प्रशिक्षित और अधिकार-संपन्न कर्मचारियों को तैनात करने को कहा गया है, जो मौके पर रिफंड, री-बुकिंग या होटल व्यवस्था जैसे त्वरित निर्णय ले सकें।

रनवे नेविगेशन और सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल : कोहरे के दौरान हवाई अड्डों की सुरक्षा और परिचालन क्षमता बनाए रखने के लिए विस्तृत मानक तय किए गए:

  • ILS और RVR सिस्टम का परीक्षण: एयरपोर्ट अथॉरिटी और निजी हवाई अड्डा ऑपरेटरों को इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) और रनवे विजुअल रेंज (RVR) उपकरणों का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

  • सीआईएसएफ और बीसीएएस का समन्वय: उड़ानों के घंटों लेट होने या रद्द होने पर यात्रियों के टर्मिनल में री-एंट्री, बैगेज रिटर्न और री-बोर्डिंग की प्रक्रियाओं को सुगम बनाने के लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) और नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS) को विशेष प्रोटोकॉल का पालन करने को कहा गया है।

  • ग्राउंड हैंडलिंग और टर्नअराउंड: एयरलाइंस ग्राउंड हैंडलर्स को पर्याप्त मानव संसाधन जुटाने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे सामान प्रबंधन और विमानों की अगली उड़ान की तैयारी (टर्नअराउंड टाइम) में अनावश्यक विलंब न हो।

मंत्रालय ने जोर दिया कि सभी एजेंसियों के बीच वास्तविक समय में सूचनाओं का आदान-प्रदान और पारदर्शी संचार ही कोहरे के मौसम में यात्रियों के अनुभव को सुगम बना सकता है।

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