दतिया/झांसी। प्रतिष्ठित वैवाहिक पोर्टल्स के जरिए युवतियों और उनके परिवारों को प्रेम व शादी के जाल में फंसाकर करोड़ों की ठगी करने वाले एक संगठित साइबर फ्रॉड गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। उत्तर प्रदेश साइबर पुलिस ने मध्य प्रदेश के दतिया से जुड़े ₹66 लाख की ठगी के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरोह के तीन सक्रिय सदस्यों को झांसी रोड स्थित एक ठिकाने से दबोच लिया है। आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, दर्जनों सिम कार्ड, बैंक कार्ड और फर्जी दस्तावेज बरामद किए गए हैं, जबकि गिरोह का एक मुख्य सहयोगी अभी भी फरार है।
साइबर सेल को राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के माध्यम से शादी डॉट कॉम और जीवनसाथी डॉट कॉम जैसी प्रमुख साइट्स पर ठगी से संबंधित लगातार 5 शिकायतें प्राप्त हुई थीं। तकनीकी विश्लेषण और मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर पुलिस टीम ने दबिश देकर तीनों जालसाजों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
बीमारी व दुर्घटना का मनगढ़ंत नाटक रचकर ऐंठते थे पैसे : पुलिस पूछताछ में पकड़े गए शातिरों ने ठगी के संगठित नेटवर्क और कार्यप्रणाली (Modus Operandi) का खुलासा किया:
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फर्जी प्रोफाइल से संपर्क: आरोपी मैट्रिमोनियल वेबसाइट्स पर खुद को उच्च शिक्षित, संपन्न और प्रतिष्ठित पदों पर पदस्थ बताकर आकर्षक प्रोफाइल बनाते थे और शादी के इच्छुक परिवारों से संपर्क साधते थे।
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भावनात्मक जाल और फर्जी दस्तावेज: विश्वास जीतने के बाद आरोपी परिवार में किसी सदस्य की गंभीर बीमारी, अचानक दुर्घटना या आपातकालीन सर्जरी का हवाला देकर भावनात्मक दबाव बनाते थे।
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फर्जी पर्चे व क्यूआर कोड: जालसाज विश्वास पक्का करने के लिए डॉक्टरों के जाली मेडिकल पर्चे और रबर स्टांप लगे बिल भेजते थे और इलाज के नाम पर विभिन्न क्यूआर कोड के माध्यम से लाखों रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करवा लेते थे।
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रकम मिलते ही ब्लॉक: जैसे ही पीड़िता या उसके परिजन पैसे वापस मांगते या शादी की औपचारिक बात आगे बढ़ाते, आरोपी उनके नंबर ब्लॉक कर संपर्क पूरी तरह काट लेते थे।
तीन गिरफ्तार, एक कार समेत 13 सिम व 7 एटीएम कार्ड बरामद : छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वित्तीय धोखाधड़ी में इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री जब्त की है:
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जब्त सामग्री: 6 मोबाइल फोन, 13 चालू सिम कार्ड, 7 विभिन्न बैंकों के एटीएम/डेबिट कार्ड, एक चार पहिया कार, डॉक्टरों की 2 जाली रबर मुहरें, 2 फर्जी चिकित्सकीय पर्चे और पहचान से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
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गिरफ्तार आरोपी: पुलिस गिरफ्त में आए आरोपियों की पहचान उमाकांत पटेल (निवासी कोछाभांवर, नवाबाद, झांसी), रविकांत यादव (निवासी उसरगांव, कोतवाली, झांसी) और कौशल किशोर (निवासी उमरारखेड़ा, झांसी) के रूप में हुई है।
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फरार साथी की तलाश: वारदात में शामिल चौथा साथी मंगल सिंह (निवासी उसरगांव) फिलहाल फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है। पकड़े गए तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।

