भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के चहुंमुखी विकास, पर्यावरण संरक्षण, जल प्रबंधन और बुनियादी ढांचे को गति देने के लिए ₹23,300 करोड़ से अधिक के ऐतिहासिक वित्तीय प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट बैठक के निर्णयों की जानकारी सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप ने दी।
बैठक में सर्वाधिक ₹17,240.55 करोड़ की राशि वन संवर्धन और वन्यजीव संरक्षण के लिए स्वीकृत की गई है, जो 16वें वित्त आयोग की अवधि (2026 से 2031) में व्यय होगी। इसके साथ ही कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए छह जिलों की वृहद सिंचाई परियोजनाओं के निरंतर संचालन हेतु ₹4,103.73 करोड़ का अनुमोदन दिया गया।
वनों और वन्यजीवों का संरक्षण: 9 योजनाओं को मिला भारी बजट : वन विभाग के अंतर्गत 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक के लिए ₹17,240.55 करोड़ की स्वीकृति दी गई है:
➢ प्रशासनिक व मैदानी सुदृढ़ीकरण: कार्यकारी योजना संगठन एवं वन वृत्तों की स्थापना पर सर्वाधिक ₹10,664.79 करोड़ खर्च होंगे, जिससे मैदानी वनमंडलों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी।
➢ क्षतिपूर्ति वनीकरण व राष्ट्रीय उद्यान: क्षतिपूर्ति वनीकरण योजना के लिए ₹1,994.30 करोड़ तथा 9 टाइगर रिजर्व और 10 राष्ट्रीय उद्यानों के विकास हेतु ₹1,623.79 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
➢ इमारती लकड़ी व रेस्क्यू सेंटर: इमारती लकड़ी व बांस के वैज्ञानिक उत्पादन के लिए ₹1,107.06 करोड़ तथा वन्यजीव रेस्क्यू व उज्जैन-जबलपुर में नए चिड़ियाघर/रेस्क्यू केंद्र स्थापित करने के लिए ₹604.23 करोड़ मंजूर किए गए।
सिंचाई परियोजनाओं की निरंतरता: ₹4,103 करोड़ से सिंचित होंगी लाखों हेक्टेयर भूमि : वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक छह प्रमुख जिलों की सिंचाई योजनाओं के लिए ₹4,103.73 करोड़ स्वीकृत किए गए:
➢ सीतापुर हनुमना माइक्रो सिंचाई परियोजना (मऊगंज, सीधी, सिंगरौली): सोन नदी पर बैराज निर्माण और संचालन हेतु ₹3,620.82 करोड़ मंजूर, जिससे 1,20,000 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित होगी।
➢ टेम मध्यम सिंचाई परियोजना (विदिशा): लटेरी तहसील में टेम नदी परियोजना के लिए ₹277.52 करोड़ मंजूर, जिससे 12,814 हेक्टेयर में सिंचाई और पेयजल आपूर्ति होगी।
➢ सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी परियोजना (उज्जैन): शिप्रा नदी को वर्षभर निरंतर प्रवाहमान बनाए रखने के लिए ₹136.03 करोड़ स्वीकृत किए गए।
➢ मझगांव मध्यम परियोजना (पन्ना): बांध निर्माण और 13,060 हेक्टेयर में सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली विकसित करने हेतु ₹69.36 करोड़ की स्वीकृति दी गई।
शहरी विकास, स्वास्थ्य निवेश और पारदर्शी प्रशासन को बढ़ावा
➢ मुख्यमंत्री नगरीय क्षेत्र अधोसंरचना निर्माण योजना: शहरों में सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट, पेयजल और सामुदायिक भवनों के निर्माण के लिए 1 अप्रैल 2027 से 31 मार्च 2029 तक की अवधि हेतु ₹700 करोड़ की अतिरिक्त स्वीकृति दी गई।
➢ हेल्थ सेक्टर में निवेश प्रोत्साहन: स्वास्थ्य क्षेत्र में निजी निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए ‘उद्योग निवेश संवर्धन सहायता योजना’ को 2026 से 2031 तक संचालित रखने हेतु ₹610.51 करोड़ का प्रावधान किया गया।
➢ लोकायुक्त संगठन: पारदर्शी प्रशासनिक कार्यप्रणाली के लिए लोकायुक्त संगठन के संचालन व्यय व परिसंपत्ति संधारण हेतु ₹573.85 करोड़ स्वीकृत किए गए।
➢ जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय (जबलपुर): राजा शंकर शाह-कुंवर रघुनाथ शाह संग्रहालय के संचालन हेतु सहायक अनुसंधान अधिकारी (संग्रहालय प्रभारी) का एक नियमित पद और ₹83.18 लाख वार्षिक व्यय मंजूर किया गया।

