नई दिल्ली। भारत और कनाडा के मध्य रणनीतिक और सैन्य संबंधों को नई दिशा देने के उद्देश्य से ‘पहले भारत-कनाडा रक्षा संवाद’ (First India-Canada Defence Dialogue) का आयोजन किया गया। 3 नवंबर 2026 को वर्चुअल माध्यम से संपन्न हुई इस उच्च स्तरीय बैठक में दोनों देशों ने अपनी-अपनी रक्षा नीतियों, रणनीतिक दृष्टिकोणों और द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को सुदृढ़ करने के व्यावहारिक उपायों पर विस्तृत चर्चा की।
इस संवाद की संयुक्त अध्यक्षता भारतीय रक्षा मंत्रालय में संयुक्त सचिव (अंतरराष्ट्रीय सहयोग) डॉ. अमित तेलंग और कनाडा के राष्ट्रीय रक्षा विभाग में सहायक उप मंत्री (नीति) स्कॉट मिलर ने की।
रक्षा उद्योग, तकनीक और अनुसंधान को बनाया प्राथमिकता : बैठक के दौरान दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने सैन्य साझीदारी के दायरे को व्यापक बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को चिह्नित किया:
- रक्षा औद्योगिक सहयोग: रक्षा निर्माण और सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए रक्षा उद्योग क्षेत्र में आपसी साझेदारी पर बल दिया गया।
- सैन्य एवं तकनीकी सहभागिता: आधुनिक रक्षा तकनीकों के आदान-प्रदान और दोनों देशों की सेनाओं के बीच परिचालन तालमेल बढ़ाने पर विमर्श हुआ।
- अनुसंधान एवं विकास (R&D): भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए रक्षा अनुसंधान और नवाचार को भारत-कनाडा रक्षा सहयोग की मुख्य प्राथमिकताओं में शामिल किया गया।
शीर्ष नेतृत्व के साझा संकल्प को धरातल पर उतारने की पहल
यह बैठक दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व द्वारा निर्धारित लक्ष्यों को आगे बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम है:
- संयुक्त वक्तव्य का अनुसरण: यह संवाद 2 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी द्वारा जारी संयुक्त बयान में व्यक्त की गई रणनीतिक प्रतिबद्धताओं को व्यावहारिक रूप देने के क्रम में आयोजित किया गया।
- वैश्विक व क्षेत्रीय सुरक्षा: संवाद में क्षेत्रीय व वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य पर दृष्टिकोण साझा किए गए। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय रक्षा साझेदारी को ठोस और परिणामोन्मुखी बनाने के लिए नियमित संपर्क और निरंतर संवाद बनाए रखने पर सहमति व्यक्त की।

