दतिया। दीपावली पर्व पर नागरिकों की सुरक्षा और सुगम व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन ने इस वर्ष पटाखा बाजार घनी आबादी वाले क्षेत्रों से बाहर ठंडी सड़क स्थित डालडा मिल परिसर में स्थापित कराया है। पुलिस सत्यापन एवं तकनीकी जांच के उपरांत 200 से अधिक अधिकृत विक्रेताओं को आतिशबाजी बिक्री के अस्थायी लाइसेंस जारी किए गए हैं। धनतेरस की शाम से ही पूरा परिसर व्यवस्थित दुकानों और सुरक्षा प्रबंधों के साथ शुरू हो गया है। किसी भी अप्रिय स्थिति अथवा आपातकाल से निपटने के लिए बाजार स्थल पर दमकल वाहन (फायर ब्रिगेड) और 108 एंबुलेंस की तैनाती सुनिश्चित की गई है।
एसडीएम सोनाली राजपूत के अनुसार, पटाखा व्यवसाय के लिए कुल 295 आवेदन प्राप्त हुए थे। पुलिस चरित्र सत्यापन एवं सुरक्षा मानकों के परीक्षण के बाद 250 लाइसेंस स्वीकृत किए गए, जिनका आवंटन कलेक्ट्रेट में विधिवत प्रक्रिया के तहत संपन्न हुआ।
सुरक्षा कारणों से बदला गया स्थान: डालडा मिल परिसर बना अंतिम विकल्प : आतिशबाजी बाजार के लिए सुरक्षित स्थल का चयन प्रशासन के लिए बेहद संवेदनशील कार्य था:
➢ पूर्व स्थलों की स्थिति: पहले यह बाजार लाला के ताल के समीप लगता था, किंतु वर्ष 2024 में तालाब का बंध टूटने के कारण वहां अनुमति बंद कर दी गई। इसके बाद कटोरा ताल मैदान में बाजार लगाया जाने लगा, जहां वर्तमान में नगरपालिका का नवीन फायर स्टेशन निर्माणाधीन है।
➢ नई जेल का विकल्प खारिज: नई जेल के आसपास घनी आवासीय बसाहट होने के कारण सुरक्षा मानकों के तहत उसे निरस्त कर दिया गया।
➢ सुरक्षित चयन: अंततः खुली जगह, चौड़े पहुंच मार्ग और अग्निशमन की सुलभता को देखते हुए ठंडी सड़क स्थित डालडा मिल परिसर को अंतिम रूप से चयनित किया गया।
आतिशबाजी के कड़े दिशा-निर्देश: ऑनलाइन खरीद और लड़ी वाले पटाखों पर रोक : पर्यावरण और ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए प्रशासन ने स्पष्ट गाइडलाइन लागू की है:
➢ समय-सीमा और ग्रीन क्रैकर्स: आम नागरिक केवल रात 8:00 बजे से 10:00 बजे के बीच ही आतिशबाजी कर सकेंगे। इस दौरान केवल पर्यावरण-अनुकूल ‘ग्रीन पटाखे’ जलाने की ही अनुमति होगी।
➢ पूर्ण पाबंदी: रासायनिक दृष्टि से घातक बेरियम साल्ट युक्त पटाखों और अत्यधिक धुआं व कचरा फैलाने वाले ‘लड़ी’ (सीरीज) पटाखों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। इसके अतिरिक्त पटाखों की ऑनलाइन ई-कॉमर्स खरीद व डिलीवरी पर भी रोक लगाई गई है।
➢ ध्वनि सीमा: किसी भी आतिशबाजी का ध्वनि स्तर 4 मीटर की दूरी पर 125 डेसिबल (dB) से अधिक नहीं होना चाहिए।
साइलेंस जोन में प्रतिबंध और कचरा प्रबंधन की अपील
➢ 100 मीटर का दायरा सुरक्षित: अस्पताल, नर्सिंग होम, शिक्षण संस्थान, न्यायालय और धार्मिक स्थलों के 100 मीटर के परिक्षेत्र को ‘शांत क्षेत्र’ (साइलेंस जोन) घोषित किया गया है, जहां किसी भी प्रकार की आतिशबाजी पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगी।
➢ जलस्रोतों का संरक्षण: प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि जले हुए पटाखों का अवशेष या बारूदी कचरा नालियों, स्थानीय तालाबों अथवा जलस्रोतों में न बहाएं। इस कचरे को अलग एकत्र कर नगर पालिका के सफाई वाहनों और कर्मचारियों को ही सौंपें।

