इधर शासन ने शुरू किया अन्न उत्सव और उधर गरीबों के छिन गए निबाले

बसई. मप्र शासन ने दो माह पहले अन्न उत्सव कार्यक्रम के तहत बसई क्षेत्र में नए सैकड़ों हितग्राहियों के नाम जोडे़ थे। लेकिन दो माह में ही हुए कई ऐसे गरीब लोगों को अपात्र मानकर खाद्यान्न से वंचित कर दिया गया जो पिछले कई वर्षों से उन्हें दी जा रही राशन सामग्री से ही अपना भरण पोषण कर रहे थे। बसई क्षेत्र में 25 हजार की आबादी है। इस अबादी में करीब आठ हजार के करीब गरीब लोग खाद्यान्न के लिए पात्र थे। जिनका अब नाम खाद्य विभाग ने सूची से काट दिया है। इप गरीब लोगों का कहना है कि हम सहकारी समिति यानि उचित मूल्य की दुकान पर राशन लेने जा रहे हैं तो वितरक यह कहकर भगा देता है कि अब उनके नाम खाद्यान्न वितरण की सूची से हट गए हैं। इसलिए अब उन्हें राशन नहीं मिलेगा। शासन के ऐसे अन्न उत्सव से ग्रामीण काफी मायूस है। उन्हें बिना राशन के वापिस लौटाया जा रहा है।

इसमें अधिकांश पात्र गरीब लोग भी सम्मिलित हैं, जिन्हें खाद्य विभाग ने अपात्र घोषित कर दिया है।

सतलौन में सबसे अधिक हुए अपात्र

खाद्यान्न सूची में सबसे अधिक नाम बसई क्षेत्र के ग्राम पंचायत सतलौन के हितग्राहियों के काटे गए हैं। इसके अलावा बसई सहित बरधुवां, सांकुली, नयाखेड़ा, जैतपुर, हिम्मतपुर, सतलौन, ठकुरपुरा, हम्मीरपुर, मानिकपुर, जनकपुर, लखनपुर, मकडारी, मुडरा, उर्दना, कन्धारी, देवगढ़, चौबाया, हीरापुर आदि गांवो के लोग अपात्र कर दिए गए हैं। बरधुवां निवासी राजाबेटी कोरी ने बताया कि दो साल पहले उनका कच्चा घर गिर गया था। उस दौरान मोहल्ले वालों ने उसे बचा लिया था। तभी से वह टूटे पड़े कच्चे घर में काली पाॅलीथिन डालकर रह रही है। उसके पास रहने को ना तो मकान है और ना ही अब राशन मिल पा रहा है। इस माह उक्त महिला राशन लेने उचित मूल्य दुकान पर गई तो यह कहकर भगा दिया कि अब राशन की लिस्ट में तुम्हारा नाम कम्प्यूटर पर दिखाई नहीं दे रहा है। 70 वर्षीय वृद्धा अब दाने दाने को मोहताज हो गई। इस ओर जिम्मेदारों द्वारा ध्यान न दिए जाने से वास्तविक हितग्राही राशन सामग्री के लिए भटकने को मजबूर हो रहे हैं।

Share

Share on whatsapp
Share on facebook
Share on twitter