दतिया। सेठ रतन लाल सर्राफ की पुण्य स्मृति में रतन विहार वाटिका, बुंदेला कॉलोनी रोड पर आयोजित नि:शुल्क नेत्र परीक्षण एवं लेंस प्रत्यारोपण शिविर का शुभारंभ प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने किया।

इस अवसर पर सेवढ़ा विधायक प्रदीप अग्रवाल, डॉ. मुकेश राजपूत, राधेलाल अग्रवाल, समाजसेवी अमित अग्रवाल एवं रतन लाल परिवार के सदस्य सहित जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
शिविर में शहर और आसपास के क्षेत्रों से आए लोगों ने नेत्र परीक्षण कराया। विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने आधुनिक उपकरणों से आंखों की जांच की और जरूरतमंद मरीजों के लिए नि:शुल्क लेंस प्रत्यारोपण की सुविधा उपलब्ध कराई।

सेवा कार्यों की सराहना : डॉ. मिश्रा ने कहा कि समाज के जरूरतमंद वर्ग तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अग्रवाल परिवार की सराहना करते हुए कहा कि सामाजिक कार्य हों या बड़े आयोजन, दतिया के लिए रतन लाल परिवार ने हमेशा आगे बढ़कर पहल की है।
उन्होंने कहा, “दृष्टि है तो सृष्टि है।” डॉ. मिश्रा ने उल्लेख किया कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, जो अपनी आंखों का उपचार नहीं करा पाता, वह इस आयोजन के माध्यम से आधुनिक तकनीक से नि:शुल्क इलाज करा सकता है। उन्होंने कहा कि यह कार्य मानव हित में बेहद सराहनीय है और इसके लिए वे पूरे रतन लाल परिवार का आभार व्यक्त करते हैं, जिन्होंने इस आयोजन को सफल बनाया।
साथ ही उन्होंने रतन लाल परिवार की युवा पीढ़ी को भी सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते देखकर प्रसन्नता जताई और कहा कि परिवार की सेवा परंपरा को आगे बढ़ाना प्रेरणादायक है।
600 से अधिक मरीजों ने कराई जांच : आयोजित शिविर में 600 से अधिक नेत्र रोगियों ने अपनी आंखों की जांच कराई। विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा परीक्षण के बाद करीब 200 मरीजों को ऑपरेशन के लिए चिन्हित किया गया, जिनका शीघ्र ही नि:शुल्क ऑपरेशन कराया जाएगा।
मोतियाबिंद के मरीजों के लिए एसआईसीएस पद्धति से ऑपरेशन की व्यवस्था उपलब्ध रही, जिसमें बिना बड़े चीरे और बिना टांके के सर्जरी संभव होती है। मरीजों को नि:शुल्क दवाइयां और आवश्यकता अनुसार चश्मे भी प्रदान किए गए। दूरदराज से आए लोगों के लिए भोजन और पेयजल की व्यवस्था भी की गई।

47वां शिविर, 10 हजार से अधिक ऑपरेशन : समाजसेवी अमित अग्रवाल ने बताया कि यह आयोजन स्वर्गीय रतनलाल सर्राफ द्वारा स्थापित सेवा-परंपरा का हिस्सा है। परिवार द्वारा अब तक 47 नेत्र शिविर आयोजित किए जा चुके हैं और लगभग 10 हजार से अधिक मरीजों के सफल ऑपरेशन कर उन्हें नई रोशनी दी जा चुकी है।


