नई दिल्ली। भारत की अंतरिक्ष यात्रा आज एक नए और ऐतिहासिक पड़ाव की ओर बढ़ने जा रही है। देश का पहला निजी तौर पर विकसित ऑर्बिटल लॉन्च व्हीकल ‘विक्रम-1’ आज सुबह अपने पहले कक्षीय मिशन के लिए उड़ान भरेगा। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्काईरूट एयरोस्पेस की पूरी टीम को शुभकामनाएं देते हुए इसे भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यह मिशन देश की तकनीकी क्षमता, नवाचार और युवाओं की उद्यमशीलता का प्रतीक है।
A historic new frontier for India’s space journey!
At 11:30 AM today, Skyroot Aerospace will undertake the maiden orbital launch of Vikram-1, India’s first privately developed launch vehicle.
This four-stage rocket is designed to provide rapid and on-demand launch services.… pic.twitter.com/1qFVTwNOuZ
— Narendra Modi (@narendramodi) July 18, 2026
भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक क्षण : प्रधानमंत्री ने कहा कि विक्रम-1 का प्रक्षेपण केवल एक रॉकेट लॉन्च नहीं, बल्कि भारत की अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाओं को नई ऊंचाई देने वाला कदम है। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र में किए गए सुधारों के कारण निजी कंपनियों को आगे बढ़ने का अवसर मिला है और अब भारत वैश्विक स्पेस इंडस्ट्री में नई पहचान बना रहा है।
चार चरणों वाला आधुनिक प्रक्षेपण यान : स्काईरूट एयरोस्पेस द्वारा विकसित विक्रम-1 एक चार चरणों वाला लॉन्च व्हीकल है, जिसे तेज, किफायती और मांग के अनुरूप उपग्रह प्रक्षेपण सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यह मिशन भारत के निजी अंतरिक्ष उद्योग के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है और भविष्य में वाणिज्यिक अंतरिक्ष अभियानों को नई दिशा देगा।
युवाओं से ऐतिहासिक मिशन देखने की अपील : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों, विशेषकर युवाओं से इस ऐतिहासिक लॉन्च का साक्षी बनने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह मिशन भारत के युवा वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और नवप्रवर्तकों के सपनों और प्रतिभा का प्रतीक है। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर #IndiaWithVikram1 के माध्यम से स्काईरूट एयरोस्पेस की सफलता की कामना करने की भी अपील की।
नई उड़ान, नए अवसर : विशेषज्ञों का मानना है कि विक्रम-1 का सफल प्रक्षेपण भारत के निजी अंतरिक्ष उद्योग के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा। इससे देश में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, स्टार्टअप इकोसिस्टम और वैश्विक वाणिज्यिक लॉन्च सेवाओं के क्षेत्र में भारत की भूमिका और अधिक मजबूत होने की उम्मीद है। यह मिशन आत्मनिर्भर भारत के विजन को भी नई गति देने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

