नई दिल्ली | भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका ने द्विपक्षीय व्यापार को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए पारस्परिक और लाभकारी अंतरिम व्यापार समझौते के ढांचे पर सहमति बना ली है। यह ढांचा दोनों देशों के बीच व्यापक भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) की दिशा में एक महत्वपूर्ण आधार तैयार करेगा।
यह समझौता 13 फरवरी 2025 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई वार्ताओं का परिणाम है, जिसका उद्देश्य बाजार तक पहुंच बढ़ाना और आपूर्ति श्रृंखलाओं को अधिक मजबूत बनाना है।
भारतीय उत्पादों को मिलेगा अमेरिकी बाजार में बड़ा अवसर
समझौते के तहत अमेरिका भारत में निर्मित कई प्रमुख वस्तुओं पर लगाए गए टैरिफ हटाएगा या उनमें कमी करेगा। इनमें जेनेरिक फार्मास्यूटिकल्स, रत्न-हीरे, विमान के पुर्जे, वस्त्र, चमड़ा, प्लास्टिक और मशीनरी उत्पाद शामिल हैं। इसके साथ ही भारतीय विमान और विमान पुर्जों पर लगे राष्ट्रीय सुरक्षा आधारित टैरिफ भी हटाए जाएंगे।
भारत अमेरिकी उत्पादों पर करेगा टैरिफ में कटौती : भारत अमेरिका के औद्योगिक सामानों और कृषि उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला पर टैरिफ घटाएगा या समाप्त करेगा। इनमें डीडीजी पशु आहार, लाल ज्वार, मेवे, ताजे व प्रसंस्कृत फल, सोयाबीन तेल, शराब और स्पिरिट्स जैसे उत्पाद शामिल हैं।
5 वर्षों में 500 अरब डॉलर की अमेरिकी खरीद : भारत अगले पांच वर्षों में अमेरिका से लगभग 500 अरब डॉलर मूल्य के ऊर्जा उत्पाद, विमान, विमान पुर्जे, बहुमूल्य धातुएं, तकनीकी उत्पाद और कोकिंग कोयला खरीदेगा। साथ ही GPU, डेटा सेंटर उपकरण और उन्नत तकनीकी उत्पादों के व्यापार में भी भारी वृद्धि होगी।
डिजिटल व्यापार और तकनीकी सहयोग को मिलेगा बढ़ावा
दोनों देश डिजिटल व्यापार में मौजूद बाधाओं को हटाने और मजबूत डिजिटल नियमों को लागू करने पर सहमत हुए हैं। इससे आईटी, डेटा सेंटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उन्नत तकनीकी क्षेत्रों में सहयोग को नई गति मिलेगी।
गैर-टैरिफ बाधाएं होंगी खत्म
भारत और अमेरिका चिकित्सा उपकरणों, खाद्य एवं कृषि उत्पादों, और आईसीटी वस्तुओं पर लगी गैर-टैरिफ बाधाओं को हटाने की दिशा में भी सहमत हुए हैं, जिससे दोनों देशों के निर्यातकों को बड़ा फायदा मिलेगा।
आर्थिक सुरक्षा और सप्लाई चेन पर विशेष फोकस : दोनों देशों ने सप्लाई चेन को मजबूत बनाने, निवेश समीक्षा, निर्यात नियंत्रण और तीसरे देशों की गैर-बाजार नीतियों से निपटने के लिए संयुक्त रणनीति अपनाने पर भी सहमति जताई है।
सरकार के अनुसार यह अंतरिम समझौता भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा और दोनों अर्थव्यवस्थाओं को नए अवसर प्रदान करेगा।


