प्रसव पीड़ा से जूझती गर्भवती को नहीं मिला स्ट्रेचर : ड्रिप थामे पत्नी को वार्ड तक ले गया पति, अस्पताल में घंटों भटकता रहा परिवार

दतिया। जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। शनिवार को एक गर्भवती महिला को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचने के बाद लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। स्थिति ऐसी बनी कि उसके पति को हाथ में ड्रिप की बोतल लेकर पत्नी को सहारा देते हुए अस्पताल परिसर में वार्ड तक ले जाना पड़ा। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

जानकारी के अनुसार बहादुरपुर गांव निवासी 20 वर्षीय मनीषा अहिरवार प्रसव संबंधी जांच और उपचार के लिए अपने परिजनों के साथ जिला अस्पताल पहुंची थीं। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के बाद उन्हें विभिन्न विभागों के चक्कर लगाने पड़े, लेकिन समय पर आवश्यक सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी।

परिवार का कहना है कि महिला प्रसव पीड़ा से परेशान थी और चलने में असमर्थ थी। इसके बावजूद वार्ड तक पहुंचाने के लिए स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं कराया गया। काफी प्रयासों के बाद भी जब कोई व्यवस्था नहीं हुई तो पति मनोज अहिरवार ने स्वयं पत्नी को सहारा दिया और ड्रिप की बोतल हाथ में लेकर उसे वार्ड तक पहुंचाया।

परिजनों के मुताबिक महिला को कई घंटों तक उपचार का इंतजार करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि मदद के लिए कई बार अस्पताल कर्मचारियों से संपर्क किया गया, लेकिन समस्या का तत्काल समाधान नहीं हुआ। बाद में उपचार प्रक्रिया शुरू की गई।

घटना का वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। परिजनों ने पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं, मामले को लेकर अस्पताल प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।

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