पंडोखर धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब : गुरुशरण महाराज बोले—भक्ति में ही शक्ति है; महोत्सव में शामिल होंगे केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल

दतिया |  पंडोखर धाम में चल रहे 30वें महोत्सव और श्रीराम महायज्ञ के दौरान श्रद्धा मंच पर आयोजित दिव्य दरबार में बुधवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। पूरे परिसर में भक्ति, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा का माहौल देखने को मिला। इस दौरान गुरुशरण महाराज ने मानव जीवन की समस्याओं और उनके समाधान को लेकर महत्वपूर्ण संदेश दिया।

गुरुशरण महाराज ने कहा कि मनुष्य जीवन तीन प्रकार की मुख्य परेशानियों—दैहिक, दैविक और भौतिक—से घिरा रहता है। इन सभी कष्टों से मुक्ति का एकमात्र मार्ग श्रद्धा और आंतरिक भाव में निहित है। जब तक मन में सच्ची आस्था नहीं होगी, तब तक किसी भी समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। उन्होंने धार्मिक परंपराओं का उल्लेख करते हुए बताया कि प्राचीन काल में यज्ञ, अनुष्ठान और तप के माध्यम से समाज और धर्म की रक्षा के साथ-साथ मोक्ष का मार्ग भी प्रशस्त किया जाता था।

दरबार में देश-विदेश से आए संत, महंत और श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। गुरुशरण महाराज ने ज्योतिष के महत्व पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि यह एक प्रमाणिक विद्या है, जिस पर आज भी विश्वास किया जाता है। उन्होंने कहा कि पंडोखर धाम एक स्वतंत्र आध्यात्मिक पीठ है, जहां सब कुछ ईश्वरीय कृपा और आदेश से संचालित होता है।

श्रीमद्भागवत कथा में उमड़ा भक्ति रस : महोत्सव के अंतर्गत आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन कथा व्यास विनोद शास्त्री ने भगवान कृष्ण की लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया। रुक्मिणी विवाह प्रसंग के दौरान श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे और युगल सरकार का पूजन कर उत्साहपूर्वक नृत्य किया। कथा में यह संदेश भी दिया गया कि व्यक्ति को अपने भीतर के बुरे विचारों को समाप्त कर आत्मकल्याण की दिशा में बढ़ना चाहिए।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां : मंगलवार रात आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में वृंदावन से आए कलाकारों ने बाबई, चरकुला, मयूर नृत्य, दान लीला और फूलों की होली जैसी मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। भजनों और नृत्यों ने ऐसा वातावरण बनाया कि श्रद्धालु अपने स्थान पर ही झूमने को मजबूर हो गए और पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

संतों का आगमन और आगामी कार्यक्रम : महोत्सव में विभिन्न पीठों के संतों का आगमन जारी है। बुधवार को कई संतों ने धाम पहुंचकर पूजा-अर्चना की और यज्ञशाला की परिक्रमा की।

गुरुवार, 9 अप्रैल को केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल महोत्सव में शामिल होंगे। इसके साथ ही वैदेही वल्लभ महाराज सहित कई संतों की उपस्थिति कार्यक्रम को और भव्य बनाएगी। शाम को बुंदेली फाग गायन का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें क्षेत्रीय कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे।

पंडोखर धाम का यह महोत्सव न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बना हुआ है, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक एकता का भी प्रतीक बनकर उभर रहा है।

Share

Share on whatsapp
Share on facebook
Share on twitter