पंजाब के 76% नागरिकों ने स्वैच्छा से लिंक किया वोटर कार्ड के साथ अपना आधार : राजनैतिक पार्टियों की हुई मीटिंग

चंडीगढ़ : मुख्य निर्वाचन अधिकारी पंजाब के दफ़्तर की तरफ से गुरूवार को राजनैतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों के साथ वोटर सूची (बिना फोटो) की अंतिम प्रकाशन की सीडीज़ सौंपने के लिए मीटिंग की गई। वोटर सूची को अपडेट करने सम्बन्धी विशेष मुहिम स्पैशल समरी रिवीजऩ-2023 अंतिम वोटर सूची के प्रकाशन के साथ ही समाप्त हो गई है, जिससे वोटर सूची के निरंतर अप्पडेट करने का रास्ता साफ हो गया है।

मीटिंग के दौरान राजनैतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों को अवगत करवाया गया कि भारतीय निर्वाचन आयोग की हिदायतों अनुसार पंजाब राज्य में स्वैच्छा से रजिस्टर्ड वोटरों के आधार नंबर एकत्रित करने की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया जा रहा है और 76.78 प्रतिशत वोटरों ने पहले ही स्वैच्छा से अपने आधार को वोटर कार्ड के साथ लिंक कर लिया है। आधार नंबर को वोटर कार्ड के साथ लिंक करने की मुहिम 31 मार्च, 2023 तक चलाई जायेगी।

मीटिंग में राजनैतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों को चुनाव प्रक्रिया की मज़बूती के बारे अवगत करवाया गया और बताया गया कि कैसे तकनीक का प्रयोग करके हर पड़ाव पर पारदर्शिता लाई गई है। वोटर सूची को और बेहतर बनाने के मिशन में उनके सहयोग की माँग करते राजनैतिक पार्टियों को बताया गया कि पंजाब के वोटर पोर्टल www.nvsp.in पर लॉगइन करके ऑनलाइन या वोटर हेल्पलाइन एप(ऐंडरायड और आईओऐस) को डाउनलोड करके बड़े सुखद ढंग से अपने वोटर विवरणों में परिवर्तन/संशोधन कर सकते हैं।

राजनैतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों ने 80 साल से अधिक उम्र के वोटरों और दिव्यांग व्यक्तियों को पोस्टल बैलट की सुविधा प्रदान करने समेत भारतीय निर्वाचन आयोग की पहलकदमियों की सराहना करते हुये कहा कि वोटर कार्ड से आधार को जोडऩे की प्रक्रिया वोटर सूची में सुधार करने में बड़ी मदद करेगी।

मीटिंग में बहुजन समाज पार्टी के स. अजीत सिंह, शिरोमणि अकाली दल के स. चरनजीत सिंह बराड़, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के स. गुरिन्दर सिंह शामिल हुए।

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