दतिया । जिले में बनाए गए धान खरीदी केंद्रों पर मिल रही गड़बड़ी की शिकायतों के बाद जिला प्रशासन इस मामले में सख्त हो गया है। एक ओर जहां जिले भर में सत्यापन के बाद ही किसानों से धान की उपज खरीदने की प्रक्रिया निर्धारित कर दी गई है। वहीं जिन क्षेत्रों में गड़बड़ी की शिकायतें मिली है। वहां से संबंधितों की अदला बदली करने का क्रम भी शुरू कर दिया गया है। ताकि आगे इस कार्य में कोई ढील न रहे। इसी क्रम में कलेक्टर संजय कुमार ने गत सोमवार देर शाम आदेश जारी कर इंदरगढ़ नायब तहसीलदार को वहां से हटाकर दतिया पदस्थ कर दिया है। जबकि उनाव वृत्त के नायब तहसीलदार को इंदरगढ़ भेजा गया है।
जारी आदेश के मुताबिक इंदरगढ़ में प्रभारी तहसीलदार सुनील वर्मा को वहां से वापिस बुलाकर उनकी जगह उनाव वृत्त के नायब तहसीलदार दीपक यादव को इंदरगढ़ का प्रभारी तहसीलदार का दायित्व सौंपा गया है। गौरतलब है कि अभी हाल ही में इंदरगढ़ खरीदी केंद्रों पर किसानों के रकवे के फर्जी सत्यापन का मामला सामने आने पर वहां उन रकवों की खरीदी पर रोक लगाई गई थी। साथ ही खरीदी केंद्रों से जांच के लिए आवश्यक दस्तावेज भी ले लिए गए थे। मामले के तूल पकड़ते ही प्रशासन हरकत में आया और इस ओर ध्यान दिया गया।
इसीका नतीजा रहा कि सोमवार को उप्र से धान लेकर इंदरगढ़ पहुंचे तीन ट्रकों को पकड़ने की कार्रवाई हो सकी। ट्रकों के पकड़ते ही इस बात की भी पुष्टि हो गई कि खरीदी केंद्रों पर बाहर की धान बेचने की पूरी तैयारी थी। लेकिन ऐनवक्त पर कार्रवाई के बाद यह फर्जीवाड़ा नहीं हो सका। इससे पूर्व क्या िस्थति खरीदी की रही इस पर भी प्रशासन को गौर कर जांच करानी चाहिए ताकि क्षेत्र के किसानों को समर्थन मूल्य पर खरीदी का वास्तविक लाभ मिल सके।

