मासूम की हत्या के बाद गांव में पसरा मातम, ग्रामीण रतजगा कर दे रहे पहरा

भांडेर । पंडोखर थाना क्षेत्र के ग्राम लहार हवेली में शुक्रवार शाम 8 वर्षीय मासूम शिवा पुत्र रतन सिंह कुशवाहा की निर्मम हत्या के बाद पूरे गांव में मातम सा छा गया है। इस घटना के बाद एक ओर जहां ग्रामीणों ने अपने बच्चों का घर से बाहर निकलना बंद कर दिया, वहीं ग्रामीण सुरक्षा की दृष्टि से रात भर जागकर रतजगा कर रहे हैं। ग्रामीणों ने शंका जताई है कि अभी तक आरोपित फरार है, ऐसे में कोई और अप्रिय घटना गांव में न घटे, इसके लिए सतर्कता बरती जा रही है।

गौरतलब है कि बालक शिवा की उसके घर के बाहर ही धारदार चाकू से गला रेंतकर पडौसी बबलूू नामक युवक ने हत्या कर दी थी। इस घटना में दो वर्ष पहले पीड़ित परिवार के खेत से आरोपित परिवार द्वारा जबरन ट्रैक्टर निकाले जाने पर विवाद हुआ था। मृतक के पिता रतन सिंह कुशवाहा का इस मामले में कहना है कि हमारे पास तीन तथा हरनारायण के पास 16 बीघा जमीन है जो पास-पास है। दो साल पहले इन लोगों के द्वारा हमारे खेत से जबरन ट्रैक्टर निकालने को लेकर विवाद हुआ था। तब से दोनों परिवारों की बोलचाल बंद थी। मामला समाज के बीच भी गया लेकिन कोई निर्णय नहीं निकला। उस वक्त आरोपित के स्वजनों द्वारा जान से मारने की धमकी दी गई थी। लेकिन यह नहीं पता था कि उस विवाद की आड़ में उक्त लोग मेरे बच्चे के साथ ऐसी हरकत कर देंगे।

बता दें कि आरोपित बबलू चार भाई हैं। आरोपित सहित तीन भाई गांव में ही रहते हैं जबकि एक भाई गुजरात में पानीपूरी का काम करता है। बबलू बीएससी पास बताया जा रहा है। चूंकि अभी अविवाहित है और रोजगार के नाम पर गांव में ही सब्जी बेचने का काम करता था। घटना को अंजाम देने के लिए जिस चाकू का इसने उपयोग किया था वह उसका उपयोग सब्जी की दुकान पर कद्दू आदि काटने में करता था।

दहशत से भरे ग्रामीण बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित

शुक्रवार को घटित घटना के बाद से लहार हवेली में दहशत का माहौल है। ग्रामीण अपनी सुरक्षा को लेकर कम जबकि अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर कहीं अधिक चिंता में है। गांव के लोग अपने बच्चों को घर से बाहर निकलने नहीं दे रहे हैं। यदि किसी कारण से बच्चों को बाहर जाना भी पड़े तो घर के बड़े सदस्य को साथ भेज रहे हैं। अपनी एक संतान खो चुके रतन सिंह कुशवाहा अब अपने दूसरे बेटे कृष्णकांत 10 वर्ष की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। ग्रामीण महेंद्र कुशवाहा ने बताया कि वे भी अपने परिवार के बच्चों को घर से बाहर सुरक्षा कारणों से निकलने नहीं दे रहे हैं। कमोवेश पूरे गांव की यही स्थिति है।

पुलिस की तैनाती न होने पर पड़ोसी कर रहे रतजगा

मृतक शिवा के स्वजनों का आरोप है कि इतनी बड़ी घटना घटित होने के बावजूद उनकी सुरक्षा को लेकर पुलिस ने उनके घर पर पुलिस बल की तैनाती नहीं की है। ऐसे में असुरक्षा से घिरे इस परिवार को पड़ोसी सुरक्षा देने के उद्देश्य से रात भर रतजगा कर रहे हैं। ग्रामीणों का भी कहना है कि इतने बड़े हादसे के बावजूद पुलिस ने यहां पुलिस बल तैनात नहीं किया। रविवार सुबह आरोपित के घर के ताले खुल गए और पुरुषों को छोड़ महिलाएं घर पर पहुंचीं। बताया जाता है कि मासूम शिवा अपने दादा भूरे कुशवाहा के साथ् गोट कार्यक्रमों में जाता था और ढाक व संसा वाद्ययंत्र बजाता था। इसके लिए बालक क्षेत्र में प्रसिद्ध भी था।

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