दतिया। जिले में गत दिवस 12वीं बोर्ड की परीक्षा के रिजल्ट घोषित हो गया है। पास होने वाले छात्रों के सामने दो बातों को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। जिलेभर के शासकीय कॉलेजों की गिनती यदि हम कर लें तो भी 8234 छात्रों की इतनी बड़ी संख्या को कॉलेज में प्रवेश मिलने में कठिनाई आना निश्चित है। शासकीय और निजी कालेजों को मिला लिया जाए तो इन 12वीं उत्तीर्ण विद्यार्थियों के सामने प्रवेश का संकट खड़ा हो गया है। इसके अलावा जिन छात्रों को नंबर कम आए हैं और वे पुनः परीक्षा देना चाह रहे हैं उनके लिए बोर्ड ने तय किया है कि अधिक अंक वाली 12वीं बोर्ड की अंकसूची ही मान्य की जाएगी।
इस तरह वे 12वीं बोर्ड की परीक्षा पुन: देना चाहते हैं तो कम अंक आने पर उन्हें कोई खतरा नहीं है। ऐसी स्थिति में अब अधिकाधिक परीक्षार्थी 12वीं बोर्ड की परीक्षा देना चाहेंगे। 1 अगस्त से परीक्षा के फार्म भरने वालों विद्यार्थियों को आनलाइन फार्म भरने की सुविधा शुरू हो रही है, ताकि वे फिर से बोर्ड की परीक्षाएं दे सकें। इस तरह कालेज में प्रवेश के लिए 1 अगस्त से आवेदन आनलाइन लिए जाने लगेंगे।
शिक्षा विभाग के अनुसार 12वीं बोर्ड की परीक्षा 8234 विद्यार्थियों ने दी थी और सभी परीक्षार्थियों को उत्तीर्ण कर दिया गया है। जिले में लगभग 28.40 फ़ीसद विद्यार्थी प्रथम श्रेणी में आए हैं। यह अंकसूची उनके पूर्व रिजल्ट पर आधारित अंकों को लेकर बोर्ड द्वारा बनाई गई है। अब अनेक विद्यार्थी कम अंक आने पर 12वीं बोर्ड की परीक्षा फिर से देना चाहते हैं। उसके लिए माध्यमिक शिक्षा मंडल बोर्ड ने आगामी 1 अगस्त से आनलाइन फार्म भरने की सुविधा शुरू करने की घोषणा की है।
| कौन सी अंकसूची होगी मान्य
शिक्षा विभाग द्वारा जिले में 12वीं बोर्ड में पुनः परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों की संभावनाएं लगभग दो से ढाई हजार बताई जा रही है। यह परीक्षा विद्यार्थी पुनः देते हैं और जिस विषय के लिए भी यह फार्म भरते हैं, तो उन्हें यदि हाल ही में घोषित किए गए औसत अंको पर आधारित अंक सूची से ज्यादा अंक आते हैं, तो वे इसी अंकसूची का उपयोग कर सकते हैं। इस प्रकार परीक्षा देने के बाद ज्यादा अंक अर्जित करते हैं तो फिर ज्यादा अंक वाली अंकसूची मान्य की जाएंगी। इस तरह दोनों ही परीक्षाओं में जिसमें भी विद्यार्थियों को ज्यादा अंक मिले हैं विद्यार्थी उसी अंकसूची का इस्तेमाल करने के लिए स्वतंत्र रहेगा। परीक्षार्थी अधिक अंक वाली अंकसूची इस्तेमाल कर सकता है और उसे ही मान्य किया जाएगा। इसका पूरा रिकॉर्ड बोर्ड में रखा जाएगा। |
विद्यार्थियों में केंद्र को लेकर संशय की स्थिति
कोविड-19 से पूर्व 12वीं के परीक्षार्थियों को परीक्षा देने के लिए परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश के लिए प्रवेश पत्र जारी कर दिए गए थे। जिले भर के स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनाया गया था। इस बार फिर से फार्म भर के 12वीं की परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों के लिए कौन सा सेंटर आएगा, इसे लेकर भी संशय बना हुआ है। इस संदर्भ में शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि ज्यादा विद्यार्थी पुन: बोर्ड की परीक्षा में बैठते हैं तो सेंटर उनको पूर्व की तरह स्कूल स्तर पर केंद्र बनाकर दिए जाएंगे। यदि कम विद्यार्थी फार्म भरेंगे तो ऐसे में एक या दो सेंटर जिला मुख्यालय पर ही बनाए जाएंगे। जिले भर के परीक्षार्थियों को परीक्षा देने के लिए यहां आना पड़ सकता है। इसमें कोविड गाइड लाइन के नियमों का पूरी तरह से पालन किया जाना तय किया गया है।
| कालेज में प्रवेश को लेकर संकट
जिले में कुल पांच शासकीय कालेज हैं इसमें लॉ कालेज भी सम्मिलित है। जैसा कि 12वीं बोर्ड परीक्षा में आठ हजार से अधिक परीक्षार्थी इस बार उत्तीर्ण हुए हैं। कालेजों में इन विद्यार्थियों को प्रवेश लेने में खासी दिक्कतें आएगी। स्थानीय शासकीय पीजी कालेज में मात्र 2000 सीटें हैं। जो बीए में प्रवेश देने के लिए है। इसके अलावा 400 सीटें बीकॉम के लिए उपलब्ध है। हाल ही में 200 सीटें और बढ़ाई गई है। इतनी बड़ी संख्या में विद्यार्थी के पास होने पर कालेज में प्रवेश में काफी दिक्कतें आना तय है। हालांकि विद्यार्थियों को शासकीय कालेजों में प्रवेश पावीण्य सूची के आधार पर दिया जाना है। इसके अलावा निजी कालेज भी इन विद्यार्थियों के लिए भी विकल्प है, परंतु वह भी पर्याप्त नहीं है। |
| ” इस मामले में यह बोले जिला शिक्षा अधिकारी ” – जिला शिक्षा अधिकारी दतिया संजय श्रीवास्तव का कहना है कि 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के लिए फार्म 1 अगस्त से आनलाइन भरना शुरू कर दिए जाएंगे और इसके साथ ही जिस भी अंकसूची में ज्यादा अंक होंगे वही मान्य की जाएगी। परीक्षा देने के बाद किसी विद्यार्थी के यदि नंबर बढ़ते हैं, तो यह विद्यार्थियों के लिए बहुत अच्छी बात होगी। विद्यार्थी ज्यादा संख्या में 12वीं बोर्ड की परीक्षा देते है, तो परीक्षा केंद्रों की संख्या व व्यवस्था पूर्वानुसार ही रहेगी और परीक्षार्थियों की संख्या कम होगी तो यह परीक्षा जिला मुख्यालय पर रखी जा सकती है। इस पर निर्णय बाद में किया जाएगा। |
| “पीजी कॉलेज के प्राचार्य ने बताई यह स्थिति” – शासकीय पीजी कालेज दतिया के प्राचार्य आर.डी. राहुल ने बताया कि शासकीय पीजी कॉलेज में प्रवेश प्रक्रिया 1 अगस्त से आनलाइन शुरू कर की जा रही है। इस बार कोरोना के चलते छात्रों को दस्तावेजों के वेरिफिकेशन के लिए कालेज नहीं आना पड़ेगा। आनलाइन माध्यम से ही उनके दस्तावेजों का वेरिफिकेशन हो जाएगा। अब हमारे यहां जितनी सीटें हैं, उन्हीं पर हम प्रवेश दे सकते हैं। प्रवेश की व्यवस्था प्राप्त अंकों के आधार पर की गई है। शेष बचे हुए छात्र को या तो सेवढ़ा अथवा भांडेर आदि जगहों के कालेज में एडमिशन ले सकते है, क्योंकि वहां अधिकांश सीटें खाली रहती है या फिर उन्हें निजी कालेज में प्रवेश फार्म भरने पड़ेंगे। |


