सभी सरकारी ऑफिसों को जोड़ा जाएगा ई-प्रणाली से, कलेक्टर ने अधिकारियों को दिए तैयारी करने के निर्देश

दतिया ।  शासन की मंशा के अनुरूप सभी कार्यालयों में ई-आॅफिस प्रणाली शुरू की जाएगी। इसके लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षित भी किया जाएगा। जिससे ई-आॅफिस प्रणाली के अनुसार कार्य किया जा सके। यह जानकारी कलेक्टर संजय कुमार ने गुरूवार को कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में आयोजित समय सीमा पत्रों की समीक्षा बैठक के दौरान दी। बैठक में जिला अधिकारीगण उपस्थित रहे।

कलेक्टर ने विभागवार समय सीमा के पत्रों एवं सीएम हैल्प लाईन की शिकायतों की समीक्षा करते हुए सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि सीएम हैल्प लाईन में प्राप्त होने वाली शिकायतों की प्रतिदिन समीक्षा कर अपने स्तर पर निराकरण की कार्रवाई करें। इस संबंध में शिकायत करने वाले व्यक्ति से भी चर्चा करें। उन्होंने संबल योजना के कुछ प्रकरणों में अन्य हितग्राही के खाते में राशि जमा होने की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए श्रम विभाग को निर्देश दिए कि जनपद पंचायत दतिया के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से समन्वय कर पात्र हितग्राहियों के खाते में राशि भेजने की कार्रवाई करें।

कलेक्टर ने शासन द्वारा दो वर्ष पूर्व प्रदेश में शुरू की गई ई-आॅफिस प्रणाली की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रणाली के तहत दतिया के सभी कार्यालयों को जोड़ा जाएगा। इसके लिए सभी कार्यालय प्रमुख तैयारियों शुरू कर दें और सभी कर्मचारियों का डाटाबेस भी एनआईसी को उपलब्ध कराया जाए। कलेक्टर ने 29 जनवरी को मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना अंतर्गत राशि वितरण कार्यक्रम के सीधे प्रसारण की सभी अनुविभागीय अधिकारियों को व्यवस्था एवं तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

प्राचीन मंदिरों का होगा जीर्णोद्धार

कलेक्टर ने राजस्व अधिकारियांे को निर्देश दिए कि प्राचीन एवं पुरातत्व महत्व के ऐसे मंदिर जो जर्जर हालत में हैं, उनके जीर्णीद्धार के प्रस्ताव तैयार करें। उन्होंने निर्देश दिए कि मंदिर से लगी हुई भूमि एवं सम्पत्ति से मिलने वाली आय एवं फसल उत्पादन तथा चल एवं अचल सम्पतियों का पटवारियों के माध्यम से सत्यापन कराया जाए। यह भी देखा जाए कि धर्मस्व विभाग के तहत आने वाले मंदिरों में पूजा अर्चना भी विधिवत रूप से हो रही है या नहीं। उन्होंने वक्फ सम्पत्तियों पर अवैध कब्जे एवं परिसम्पतियों का भी सत्यापन करने के निर्देश दिए। उन्होंने नामांतरण, बंटवारा के राजस्व प्रकरणों की समीक्षा करते हुए संबंधित एसडीएम को निर्देश दिए कि प्रकरणों के निराकरण में गति लाए।

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