ब्रिटेन ने शुरू की गूगल और अमेजन पर जांच, इससे जुड़ी ऑथॉरिटी कंपनियों पर लगाएगी लगाम

लंदन : अमेजन और गूगल के जरिये बेचे जाने वाले सामान के फेक रिव्यू के मामले में दोनों दिग्गज अमेरिकी कंपनियों की ब्रिटेन में जांच शुरू हो गई है। इसकी जानकारी ब्रिटेन की कंपटीशन एंड मार्केट अथॉरिटी ने दी है।

नियामक ने कहा है कि ऑनलाइन सेक्टर की दोनों दिग्गज कंपनियां अपने प्लेटफॉर्म पर सामान और सेवाओं के बारे में फेक रिव्यू (इस्तेमाल करने वालों की राय) को रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठा रही हैं।

इन फेक रिव्यू से उपभोक्ताओं में सामान को लेकर गलत संदेश जाता है, रिव्यू में सामान के बारे में सकारात्मक टिप्पणियां देखकर वे उन्हें खरीद लेते हैं। इसी प्रकार से सेवाएं ले ली जाती हैं। इन मामलों में उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा कर पाने में ब्रिटिश कानून विफल हो रहा है।

नियामक ने कहा है कि दोनों कंपनियां ब्रिटेन का उपभोक्ता कानून तोड़ रही हैं, इसलिए उनके खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है। अथॉरिटी ने कहा, कोविड महामारी के दौरान ऑनलाइन खरीद में खासा इजाफा हुआ। इस दौरान फोन के जरिये सामान के बारे में दी जाने वाली राय में भी बढ़ोतरी देखी गई।

शुरुआती जांच में पाया गया है कि फोन के जरिये दी गईं ज्यादातर टिप्पणियां सकारात्मक थीं। अथॉरिटी की मुख्य कार्यकारी एंड्रिया कॉससेली ने कहा है कि हमारी चिंता यह है कि करोड़ों ऑनलाइन खरीदारों ने फेक रिव्यू से प्रभावित होकर अपना धन खर्च किया।

यह व्यापार करने का साफ-सुथरा और उचित तरीका नहीं है। किसी भी उत्पाद या सेवा को यदि रिव्यू में फाइव स्टार दिए जाते हैं तो उपभोक्ता उससे प्रभावित हो जाता है और उसे खरीद लेता है।

अगर रिव्यू में फाइव स्टार गलत तरीके से दिए गए हैं तो नियमों का पालन करते हुए सामान बेचने वाली अन्य कंपनी का नुकसान हो जाता है, जो गलत है। कानून इसी गलत कार्य की रोकथाम के लिए बना है। 

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