वाशिंगटन। वे क्या थे? या वे कौन थे? इन सवालों के जवाब अभी भी उलझे हुए हैं। अमेरिकी खुफिया विभाग की ताजा रिपोर्ट दुनिया में देखे गए मानव सदृश लोगों और वस्तुओं (यूएफओ) के बारे कोई स्पष्ट और विश्वसनीय जानकारी दे पाने में विफल है। एलियन, उड़नतश्तरी आदि को लेकर दशकों से चल रही चर्चाओं, साजिश की आशंकाओं, टेलीविजन शो, फिल्मों, मजाकिया जुमलों से इतर ऐसा कुछ सामने नहीं आया है जिससे उनके बारे में कोई ठोस बात कही जा सके।
इसलिए धरती से अलग भी कोई दुनिया बसी होने को लेकर लगाए जाने वाले कयासों के दिन अभी पूरे होने की कोई संभावना नहीं है। अमेरिकी खुफिया विभाग के जांचकर्ताओं को वर्षों तक प्रयास करने के बाद एलियन के अस्तित्व और उनकी पृष्ठभूमि से जुड़े कोई ठोस सुबूत नहीं मिले। लेकिन उन्होंने किसी संभावना से इंकार भी नहीं किया है। एलियन के अस्तित्व को लेकर शक बरकरार है। अमेरिकी संसद के समक्ष इस महीने के अंत में रखी जाने वाली रिपोर्ट के संबंध में दो अधिकारियों ने कहा है कि अमेरिकी वायुसेना के पायलटों द्वारा देखी गई सक्रिय आकृतियों के बारे में सरकार कोई निश्चित राय देने की स्थिति में नहीं है।
रिपोर्ट में इस संभावना को भी खारिज नहीं किया गया है कि पायलटों द्वारा देखी गई आकृतियां किसी अन्य देश की विकसित तकनीक का हिस्सा नहीं थीं। एक अधिकारी ने इन आकृतियों के अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के अघोषित कार्यक्रम का हिस्सा होने से भी इंकार नहीं किया है। दोनों अधिकारी इस मसले पर सार्वजनिक रूप से कोई बयान देने के लिए अधिकृत नहीं थे। लेकिन पहचान गोपनीय रखे जाने की शर्त पर उन्होंने न्यूयॉर्क टाइम्स के साथ बातचीत में यह जानकारी दी।
कांग्रेस के समक्ष पेश होने वाली रिपोर्ट में हाल के वर्षों में दिखाई पड़ीं अज्ञात आकृतियों और वस्तुओं के संबंध में कोई स्पष्ट राय व्यक्त नहीं की गई है। उन पर से रहस्य का पर्दा नहीं हटाया गया है। बीते दिसंबर में कांग्रेस ने राष्ट्रीय खुफिया विभाग के निदेशक से इन अज्ञात वस्तुओं, आकृतियों के संबंध रिपोर्ट देने के लिए कहा था, जिससे अमेरिकी सरकार के अभी तक के प्रयासों के बारे में पता चल सके। उल्लेखनीय है कि इन अज्ञात वस्तुओं और आकृतियों के बारे में जानकारी एकत्र करने में अमेरिका की कई एजेंसियां लगी हुई हैं।


