काबुल : अफगानिस्तान में तालिबान के लगातार बढ़ते हमलों के बाद अमेरिका ने अफगान सरकार को सैन्य कार्रवाई में मदद का भरोसा दिलाया है। काबुल में तैनात अमेरिकी सेना के जनरल केनेथ एफ मैकेंजी ने कहा है कि तालिबान के ठिकानों पर उनके हवाई हमले जारी रहेंगे।उन्होंने कहा कि अमेरिका तालिबान पर हमला बंद करने का कोई आश्वासन नहीं देगा।
तालिबान के आतंकी पूरे अफगानिस्तान में आगे बढ़ रहे हैं और उन्होंने देश के आधे से ज्यादा जिलों पर कब्जा कर लिया है। अब उनके निशाने पर बड़े शहर हैं। इस बीच, कंधार में अमेरिकी विमानों ने कमजोर पड़ती अफगान सेना के पक्ष में आतंकियों पर बम बरसाए।
काबुल में एक पत्रकार वार्ता में सेंट्रल कमांड के जनरल केनेथ मैकेंजी ने कहा कि तालिबान हिंसा की वारदातों में तेजी ला रहा है। इसी कारण अमेरिकी सेना ने कुछ दिनों से हवाई हमले बढ़ा दिए हैं।
अफगान सैनिकों की मदद के लिए ये हवाई हमले अगले हफ्तों में भी जारी रहेंगे। जब मैकेंजी से पूछा गया कि क्या अमेरिकी सेना की 31 अगस्त को पूरी तरह वापसी के बाद भी हवाई हमले किए जाएंगे, उन्होंने कहा कि इस बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता।
हालांकि, उन्होंने इतना जरूर कहा कि मैं यहां की स्थिति पर ध्यान दे रहा हूं। अगस्त के बाद भी अफगानिस्तान को सामरिक सहयोग जारी रहेगा।
ज्ञात हो कि हाल ही में अमेरिका के रक्षा मंत्री लायड आस्टिन ने भी कहा था कि अफगान सेना अपनी युद्ध रणनीति को प्रभावी बना रही है। प्रांतीय राजधानी और बड़े शहरों में उसकी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो रही है।
वह जिलों को फिर नियंत्रण में लेने का प्रयास कर रही है। एएनआइ के अनुसार, आतंकियों का खूनी खेल थम नहीं रहा है। इस बार आतंकियों ने गजनी प्रांत के मलिस्तान जिले को अपना निशाना बनाया।
यहां 43 नागरिकों की गोली मारकर हत्या कर दी। इनमें सुरक्षा बल के कुछ सदस्य भी थे। टोलो न्यूज के अनुसार ऐसी ही घटनाएं तालिबान आतंकियों ने अन्य क्षेत्रों में की हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक आतंकियों ने ऐसे लोगों की हत्या की, जिनका युद्ध से कोई संबंध नहीं था। मलिस्तान में तोड़फोड़ और लूटपाट भी की गई। तालिबान के आंतरिक मंत्री ने इस नरसंहार की पुष्टि की है।
आइएएनएस के अनुसार हेलमंद और बदख्शान प्रांत में अफगान सेना ने तालिबान के ठिकानों पर हवाई हमले किए। हमले में 35 आतंकी मारे गए।

