एलओसी के निकट बने प्राचीन शारदा मंदिर का होगा पुनर्निर्माण, तीर्थयात्रा की जाएगी शुरू

जम्मू : शारदा कमेटी (एसएससी) ने तीतवाल में एलओसी के निकट माता शारदा देवी मंदिर के पुनर्निर्माण की आधारशिला रखी।

समिति ने कहा कि उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में स्थित प्राचीन मंदिर और उसके केंद्र का पुनर्निर्माण शारदापीठ मंदिर की सदियों पुरानी तीर्थयात्रा को फिर से शुरु करने की दृष्टि से किया जाएगा।

शारदा पीठ ‘‘शारदा का स्थान’’ देवी सरस्वती का कश्मीरी नाम है। शारदा पीठ भारतीय उपमहाद्वीप के प्रचीनतम विश्वविद्यालयों में से एक थी।

शारदा पीठ नीलम नदी के किनारे स्थित एक मंदिर है,जो शिक्षा का एक प्रमुख केन्द्र हुआ करता था । इसे दक्षिण एशिया के 18 प्रसिद्ध मंदिरों में से एक माना जाता है।

एसएससी प्रमुख रविंदर रैना पंडिता ने बताया कि 1947-48 की प्राचीन धर्मशाला की भूमि को पुनः प्राप्त करने के बाद नियंत्रण रेखा के निकट तीतवाल में शारदा यात्रा आधार शिविर मंदिर और केंद्र का शिलान्यास किया गया।

उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का आयोजन एलओसी के निकट स्थित तीतवाल में एसएससी और स्थानीय लोगों ने किया, इसमें 200लोगों ने भाग लिया।

केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय की वक्फ विकास समिति की अध्यक्ष और भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारणी की सदस्य द्रक्षां अंद्राबी ने मंदिर की आधारशिला रखी। उन्होंने शारदा सभ्यता को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

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