लुधियाना : पंजाब के पूर्व राजस्व मंत्री बिक्रम मजीठिया द्वारा दायर मानहानि मामले में आम आदमी पार्टी के नेता एवं राज्यसभा सदस्य संजय सिंह के बार-बार पेश नहीं होने का कड़ा नोटिस लेते हुए अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हरसिमरनजीत सिंह की अदालत ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश दिया है।
मजीठिया की ओर से गवाह पूर्व अकाली मंत्री महेशिंदर सिंह ग्रेवाल जिरह के लिए अदालत में मौजूद थे। उनके अलावा एक समाचारपत्र का एक अधिकारी भी उपस्थित था, जिसे संजय सिंह के वकील द्वारा बतौर गवाह बुलाया गया था।
गवाह से जिरह के लिए न तो संजय सिंह अदालत में आए और न ही उसका वकील उपस्थित हुआ। हालांकि एक वकील ने इस दलील के साथ छूट का आवेदन दिया कि वह आप पार्टी की बैठकों में व्यस्त हैं। इसलिए आज के लिए उनकी व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट दी जाए।
दूसरी ओर मजीठिया के वकील डी एस सोबती ने छूट आवेदन का इस दलील के साथ विरोध किया कि वह अदालत की कार्यवाही को बहुत हल्के में ले रहे हैं और जानबूझकर हाजिरी माफी के आवेदन बार-बार दाखिल करके केस को लटका रहे हैं।
इसके बाद अदालत ने शाम चार बजे हाजिरी माफी की अर्जी को इस टिप्पणी के साथ खारिज कर दिया कि मामले में लगभग 71 बार सुनवाई में आरोपित मात्र चार से पांच बार अदालत की कार्यवाही में शामिल हुआ है। संजय सिंह को इस मामले में फरवरी 2016 में तलब किया गया था। मजीठिया ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि संजय सिंह ने झूठा और मानहानि वाला बयान दिया था कि राज्य में ड्रग रैकेट में उनका हाथ है।
शिकायतकर्ता ने कहा कि संजय सिंह ने बिना किसी आधार या सामग्री के उनके खिलाफ निंदनीय और अपमानजनक बयान दिया था। ऐसा केवल उन्हें बदनाम करने के उद्देश्य से किया था। अदालत में मामले की अगली सुनवाई 17 सितंबर को होगी।


