रामगढ़ : झारखंड में रामगढ़-बोकारो मार्ग (एएनएच-23) बुधवार की सुबह एक खौफनाक हादसे का गवाह बना। रजरप्पा थाना क्षेत्र के मुरुबंदा के पास धनबाद से रामगढ़ आ रही यात्री बस व कार के बीच सीधी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबर्दस्त थी कि कार का आधे से अधिक हिस्सा बस के नीचे घुस गया।
हादसे के बाद कार में आग लग गई। कार सवार घायल सभी पांच लोग तड़प-तड़प कर जिंदा जल गए। कार का दरवाजा इस कदर बस से दबा था कि न तो सवार खुद कार से निकल पाए और न ही उन्हें कोई मदद मिल पाई।
बारिश के बावजूद आग की लपटें इतनी भयावह थीं कि उसके पास खड़े होना तक मुश्किल था। घटना के एक घंटा बाद रामगढ़ से दमकल पहुंचा, तब तक कार सवार सभी लोग जलकर खाक हो चुके थे। वहीं बस में बैठे दर्जनों यात्री आनन-फानन में नीचे उतरे।
उनमें से कुछ को हल्की चोट लगी थी। बस में भी आग लगी जिसे बाद में काबू कर लिया गया। हादसे के गवाह बस सवार प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दुर्घटना के बाद जब वह नीचे उतरे तो कार की हालत देख कांप गए।
कार बुरी तरह बस में दबी थी, उसके अंदर दबे लोग मदद की गुहार लगा रहे थे। कुछ लोग मदद के लिए बढ़े, लेकिन दरवाजा बस से दबने के कारण खुल नहीं पाया। कुछ और प्रयास करने से पहले ही कार में आग लग गई, इसके बाद सभी पीछे हटने को मजबूर हो गए।
चंद मिनटों बाद लोगों की चीखें आनी बंद हो गई। स्थानीय लोगों ने पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। हादसे के वक्त तेज बारिश हो रही थी, माना जा रहा है कि दिखाई कम पड़ने की वजह से दोनों वाहनों की टक्कर हुई।
दोनों वाहनों की रफ्तार भी काफी तेज थी। जिंदा जले कार सवार सभी लोग बिहार के पटना स्थित बेउर थाना क्षेत्र अंतर्गत ब्रह्मपुरा गांव के रहने वाले थे।
मृतकों में से चार की शिनाख्त पुलिस ने कर ली है। उनमें ब्रह्मपुरा गांव निवासी किशोर कुमार, गोलू कुमार, मुन्ना व आलोक शामिल हैं।
एक व्यक्ति की पहचान देर शाम तक नहीं हो पाई है। कार के अंदर बुरी तरह से जले पांचों शवों को पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद क्रेन के माध्यम से बाहर निकाकर पोस्टमार्टम के लिए रामगढ़ सदर अस्पताल भेजा।
पुलिस ने कार के रजिस्ट्रेशन नंबर के जरिए मृतकों की शिनाख्त की है। रजरप्पा थाना प्रभारी इंस्पेक्टर विपिन कुमार ने बताया कि घटना की सूचना मृतकों के स्वजन को दे दी गई है।
बताया जा रहा है कि कार सवार लोग रजरप्पा मंदिर पूजा-अर्चना के लिए पटना से आ रहे थे। कार सवार पांचों लोग इस कदर जल गए कि शवों की पहचान करना भी मुश्किल हो गया।
इस वजह से पोस्टमार्टम नहीं हो सका। तीन सदस्यीय मेडिकल बोर्ड की टीम ने शवों की डीएनए जांच के लिए सैंपल लिया है।


