अच्छे मतदान को भाजपा-कांग्रेस मान रही है अपनी झोली में,मतदान में महिलाओं से आगे रहे पुरुष
दतिया. मतदान के बढ़े हुए प्रतिशत को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों ही इसे अपने-अपने पक्ष में मान रही है। जहां भाजपा का कहना है कि गत चुनाव की तुलना में इस बार मतदान 2 फीसद बढ़ा है, वह जागरूकता के साथ ही सरकार के प्रति आस्था मतदाताओं में बढ़ी है। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस का कहना है कि यह व्यवस्था के प्रति आक्रोश था, जो मतदान बूथ तक पहुंचा है।भाजपा और कांग्रेस दोनों ही प्रमुख रूप से भांडेर विधानसभा उपचुनाव में आमने-सामने थी। भाजपा की ओर से कांग्रेस में पूर्व विधायक रही वर्तमान में भाजपा प्रत्याशी के रूप में रक्षा सिरोनिया मैदान में उतरी थी। वहीं राज्यसभा का कांग्रेस की ओर से चुनाव लड़ चुके फूल सिंह बरैया भांडेर विधानसभा उपचुनाव में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। भाजपा जिला अध्यक्ष सुरेंद्र बुधौलिया का कहना है कि मतदान का अच्छा प्रतिशत जहां लोगों की जागरूकता व लोकतंत्र के प्रतीक हैं, वहीं सरकार में विश्वास का द्योतक है। इस कारण ही मतदान का प्रतिशत बढ़ा है। भाजपा के भांडेर विधानसभा चुनाव संचालक राकेश गुप्ता का मानना है कि सरकारी योजनाओं को सही तरीके से जनता तक पहुंचाने और उसका लाभ जनता को मिलने के कारण भांडेर विधानसभा में मतदान का प्रतिशत बढ़ा है। इसके अलावा पिछली कांग्रेस सरकार की असफलता को लेकर भी मतदाता अब कुछ भी गंवाना नहीं चाहता है। इसी के चलते मतदान के दौरान सुबह-सुबह ही लंबी कतारें देखने को मिलीं। दतिया भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष जगदीश यादव ने बताया कि प्रत्याशी के साथ ही संगठन और सरकार की नीतियां यह सभी फैक्टर चुनाव में कार्य करते हैं। विशेषकर उपचुनाव में मतदाता ज्यादा एकाग्रचित्त होकर अपने लिए व्यवस्थित सरकार को चुनता है। ऐसे में इन सभी बातों को लेकर जनता ने वोट किया है, जो भाजपा के प्रति रुझान को दर्शाता है।

कांग्रेस का भी कुछ इसी तरह मानना है। भांडेर चुनाव प्रभारी पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल बताते हैं कि जिस प्रकार से भाजपा सरकार ने काम किए हैं वे लोगों के गले नहीं उतरे हैं और यह व्यवस्था के प्रति आक्रोश का उदाहरण भी है। इसी कारण से भांडेर की जनता बाहर आई और जमकर मतदान किया। उन्होंने कहा कि जब परिवर्तन होता है तो इसी तरह की जागरूकता की क्रांति आती है। कांग्रेस के विधायक घनश्याम सिंह का कहना है कि मतदाता अब जागरूक हो चुका है। उसे सरकार के कार्यों का आंकलन करना भी आता है। व्यवस्था और सरकार के प्रति नाराजगी के कारण ही मतदाता ने वोट डाला है, जो कांग्रेस के लिए एक शुभ संकेत है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नारायण सिंह बौद्ध का कहना है कि मतदान के दौरान भाजपा ने गड़बड़ी करने के असफल प्रयास भी किए हैं, पर अब जब मतदान का प्रतिशत इतना अधिक है तो ऐसे में हार भी बड़ी होगी और जीत भी बड़ी ही होगी। मुझे कहने में कोई संकोच नहीं है कि इस बार कांग्रेस बड़े अंतर से जीतेगी।

मतदान में महिलाओं से आगे रहे पुरुष

भांडेर उपचुनाव में वैसे तो महिला और पुरुषों ने बराबर की हिस्सेदारी की। इस उपचुनाव में 1 लाख 25 हजार 420 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का उपयोग किया । इनमें 70 हजार 549 पुरुष मतदाताओं ने मत डाले । इसी प्रकार 54 हजार 868 महिलाओं ने भी अपने पसंद के प्रत्याशी को मत डाले । इस उपचुनाव में महिलाओं से पुरुष की भागीदारी आठ प्रतिशत से अधिक रही । जबकि भाजपा ने यहां महिला प्रत्याशी पर दांव लगाया था । भाजपा और कांग्रेस में भी महिला पुरुष के मतदान 6% को लेकर अपने-अपने तर्क हैं। दोनों दलों का कहना है कि महिला और पुरुषों ने उनकी सरकार के लिए मताधिकार का उपयोग किया है। चुनाव में महिला की भागीदारी कम क्यों रहीं, इस मामले पर दोनों ही राजनीतिक दल चुप्पी साधे हुए हैं।

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