दिल्ली सरकार की नयी आबकारी नीति के खिलाफ भाजपा ने किया चक्का जाम, आम जनता की बढ़ी परेशानी

नई दिल्ली : दिल्ली सरकार की नयी आबकारी नीति के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को प्रदर्शन करते हुए अक्षरधाम मंदिर सहित राष्ट्रीय राजधानी में विभिन्न स्थानों पर सड़कों को अवरुद्ध कर ‘चक्का जाम’ किया. भाजपा के ‘चक्का जाम‘ के कारण रिंग रोड, आईटीओ और कई अन्य प्रमुख मार्गों पर लंबा जाम लग गया, जिसके परिणामस्वरूप लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

भाजपा के ‘चक्का जाम‘ पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि भाजपा नेता ‘बौखलाए’ हुए हैं क्योंकि नयी आबकारी नीति का उद्देश्य अवैध शराब की बिक्री पर अंकुश लगाना है।भाजपा की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने अक्षरधाम मंदिर के पास विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया।

आदेश गुप्ता ने संवाददाताओं से कहा, “दिल्ली सरकार अपनी नयी आबकारी नीति के तहत शहर भर में अवैध रूप से शराब की दुकानें खोल रही है। रिहायशी और धार्मिक स्थलों के पास दुकानें खोली जा रही हैं। हमारा विरोध तब तक जारी रहेगा जब तक कि नयी शराब नीति वापस नहीं ले ली जाती।”

उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों, स्कूलों और रिहायशी इलाकों के पास शराब की दुकानें नहीं चलने दी जाएंगी। अक्षरधाम मंदिर के पास भाजपा के विरोध प्रदर्शन के कारण लोगों को जाम के साथ काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।भाजपा के वरिष्ठ नेता कुलजीत चहल ने आईटीओ पर विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया।

मनीष सिसोदिया ने ट्वीट कर कहा, “ दिल्ली में भाजपा वाले नयी आबकारी नीति से बौखलाए हुए हैं क्योंकि अरविंद केजरीवाल जी ने दिल्ली में 3500 करोड़ रुपये की चोरी रोक दी है। यह पैसा अब जनता के काम के लिए सरकार को मिल रहा है पहले यह पैसा भाजपा नेताओं और शराब माफिया की जेब में जाता था।”

भाजपा के विरोध प्रदर्शन के कारण प्रभावित होने वाली प्रमुख सड़कों में आईटीओ क्रॉसिंग, लक्ष्मी नगर से आईटीओ तक विकास मार्ग, अक्षरधाम मंदिर के पास सड़क, राष्ट्रीय राजमार्ग-24, नोएडा-दिल्ली लिंक रोड, बहादुर शाह जफर मार्ग, मदर डेयरी रोड और सिग्नेचर ब्रिज रोड शामिल हैं। दिल्ली की इन प्रमुख सड़कों पर भारी जाम लग गया।

राष्ट्रीय राजमार्ग-24 पर फंसे एक यात्री ने कहा, “एनएच -24 पर भारी ट्रैफिक जाम है। अधिकांश सड़कें प्रदर्शनकारियों द्वारा अवरुद्ध हैं और इससे हम जैसे लोगों को असुविधा हो रही है, जिन्हें समय पर कार्यालय पहुंचना होता है।”

विरोध प्रदर्शन के कारण यात्रियों को हो रही परेशानी के बारे में पूछे जाने पर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि यह एक जन आंदोलन है और आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की नयी आबकारी नीति से छुटकारा पाने के लिए लोग इसे सहन करने के लिए तैयार हैं।

सड़कों पर लगे जाम से बचने के लिए लोगों ने दिल्ली मेट्रो का रुख किया, जिसके कारण सुबह कई मेट्रो स्टेशनों पर भारी भीड़ देखी गयी।हालांकि, दिल्ली की यातायात पुलिस का कहना है कि महत्वपूर्ण सड़कों से अवरोधों को हटा लिया गया है।

यातायात पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “स्थिति अब पूरी तरह से सामान्य हो चुकी है। दो प्रमुख सड़कों पर भारी भीड़ थी। एक अक्षरधाम के पास और दूसरा आईटीओ के पास। कुछ समय के लिए वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई थी, लेकिन अब सड़कों पर यातायात सुचारू रूप से बहाल कर दिया गया है।”

प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली सरकार और उसकी नयी आबकारी नीति के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने बार-बार घोषणा की कि सभी आपातकालीन वाहनों को रास्ता दिया जाना चाहिए और सार्वजनिक संपत्ति को कोई नुकसान नहीं होना चाहिए।

गौरतलब है कि दिल्ली सरकार की नयी आबकारी नीति के तहत शहर भर में 849 प्रीमियम शराब ठेके खोले जा रहे हैं।

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