Datia News : दतिया। बैंक में काम करने वाले ब्लेकमेलर चपरासी ने आखिरकार कोर्ट में सरेंडर कर दिया। चपरासी पर एक एडवोकेट को ब्लेकमेल कर उससे रुपये ऐंठने और मानसिक प्रताड़ना मामला पुलिस में दर्ज है।
जिसके चलते एडवोकेट ने फांसी लगाकर जान दे दी थी। उस दौरान मृतक ने एक दो पन्ने का सुसाइड नोट भी छोड़ा था। जिसमें उक्त चपरासी काे जिम्मेदार बताया था।
पूर्व पार्षद व एडवोकेट जाहिदुद्दीन सिद्दीकी आत्महत्या मामले में सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस एफआइआर में नामजद हुए मुख्य आरोपित मप्र ग्रामीण बैंक भांडेर के चतुर्थ श्रेणी आउटसोर्स कर्मचारी लक्ष्मीनारायण यादव ने लगभग ढाई माह बाद एडीजे कोर्ट दतिया में शुक्रवार को सरेंडर कर दिया।
इसके बाद भांडेर पुलिस उसे गिरफ्तार करके ले गई। एसआई सोबरन सिंह तोमर ने बताया कि शनिवार को उसे न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिए जाने की मांग की जाएगी।
यह था पूरा मामला : बता दें कि गत 15 दिसंबर 2025 को वार्ड 12 हजारी मोहल्ला भांडेर निवासी पूर्व पार्षद एडवोकेट जाहिदुद्दीन सिद्दीकी ने अपने घर की बैठक में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
उन्होंने आत्महत्या पूर्व दो पेज का सुसाइड नोट भी छोड़ा था। जिससे उनकी इस आत्महत्या के कारण पर से पर्दा उठा था कि ग्रामीण बैंक शाखा भांडेर में पदस्थ आउटसोर्स चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी लक्ष्मीनारायण यादव ने फर्जी तरीके से लोन को लेकर उनसे शपथपत्र बनवाए थे। जिसके बाद उसने मृतक को ब्लैकमेल करना शुरु कर दिया।
सुसाइड नोट के मुताबिक आरोपित ने मृतक से बड़ी रकम ऐंठी थी। इससे वे मानसिक रूप से भी प्रताड़ित हुए। यही आत्महत्या की मुख्य वजह भी सुसाइड नोट में बताई गई। एडवोकेट सिद्दीकी ने अपने सुसाइड नोट में पूर्व बैंक मैनेजर को भी दोषी ठहराया था।
बैंक ने नोटिस भेजे तब खुली पोल : वहीं इस मामले में नया मोड़ तब आ गया जब इस बैंक ने उन लोगों को लोन वापिस करने के नोटिस भेज दिए, जिनका बैंक में खाता तक नहीं था।
इसके बाद उक्त लोग शिकायतें लेकर प्रशासन के पास पहुंचे। इस मामले में भी आरोपित का नाम सामने आया था। ग्रामीण बैंक में पशुपालन से संबंधित लोन प्रकरणों में ग्रामीण बैंक भांडेर की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई।


