दतिया। करीब दो वर्ष पहले बड़ौनी क्षेत्र के एक ढाबे पर हुई गोलीबारी और युवक की मौत के मामले में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी राजेंद्र उर्फ लला यादव को दोषी करार दिया है। अदालत ने हत्या और साजिश से जुड़े आरोप सिद्ध पाए जाने पर आरोपी को आजीवन कारावास सहित विभिन्न धाराओं में कठोर दंड से दंडित किया है।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश विजय चंद्र द्वारा 11 जून 2026 को सुनाए गए निर्णय में बड़ौनी निवासी राजेंद्र उर्फ लला यादव को हत्या, झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने और अवैध हथियार के उपयोग से संबंधित अपराधों में दोषी पाया गया। न्यायालय ने आरोपी पर अर्थदंड भी लगाया है।
अभियोजन के अनुसार 30 अक्टूबर 2024 की रात बड़ौनी स्थित एक ढाबे पर गोली लगने से जीतू उर्फ जितेंद्र परदेशी की मौत हो गई थी। घटना के बाद राजेंद्र यादव ने पुलिस को शिकायत देकर ग्राम पिटसूरा निवासी नवल सिंह पटेल और बानसिंह पटेल पर गोली चलाने का आरोप लगाया था। उसने स्वयं को घटना का प्रत्यक्षदर्शी बताते हुए दोनों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया था।
हालांकि पुलिस जांच के दौरान मामले ने नया मोड़ ले लिया। विवेचना में जुटाए गए भौतिक, चिकित्सकीय, परिस्थितिजन्य और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से यह तथ्य सामने आया कि मृतक की हत्या कथित आरोपियों ने नहीं, बल्कि स्वयं राजेंद्र उर्फ लला यादव ने की थी। जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी ने अपने विरोधियों नवल सिंह पटेल और बानसिंह पटेल को हत्या के झूठे मामले में फंसाने के उद्देश्य से पूरी साजिश रची थी और उसी योजना के तहत वारदात को अंजाम दिया गया था।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने न्यायालय के समक्ष साक्ष्यों और गवाहों के माध्यम से आरोपी की भूमिका को प्रमाणित किया। उपलब्ध साक्ष्यों से संतुष्ट होकर अदालत ने आरोपी को दोषसिद्ध घोषित करते हुए आजीवन कारावास सहित अन्य धाराओं में भी सजा सुनाई।
इस प्रकरण में अभियोजन पक्ष की ओर से जिला अभियोजन अधिकारी आर.सी. चतुर्वेदी ने पैरवी की, जबकि सहायक जिला अभियोजन अधिकारी पंकज द्विवेदी एवं सुदीप शर्मा ने भी न्यायालयीन कार्यवाही में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यह फैसला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है और इसे झूठे आपराधिक मामलों में लोगों को फंसाने की कोशिश करने वालों के लिए एक कड़ा संदेश माना जा रहा है।

