नई दिल्ली : सीबीआइ ने यूनियन बैंक आफ इंडिया से 160 करोड़ रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी में कपड़ा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी एस. कुमार्स नेशनवाइड लिमिटेड पर मुकदमा दर्ज किया है।
बैंक का आरोप है कि कंपनी के प्रवर्तकों, प्रबंध निदेशक नितिन कासलीवाल व निदेशक विजय गोवर्धनदास कलंत्री, अनिल कुमार चन्ना, राजिंदर कृष्ण गर्ग व जगदीश संजीव रेड्डी ने फर्जीवाड़े के जरिये उसे बड़ा नुकसान पहुंचाया।
कंपनी ने बैंक से कई प्रकार की ऋण ले रखे थे जो वर्ष 2013 में नान पारफार्मिंग एसेट (एनपीए) में तब्दील हो गए। अंतरराष्ट्रीय आडिट कंपनी केपीएमजी के फोरेंसिक आडिट के बाद वर्ष 2020 में इस खाते को ‘धोखाधड़ी’ वाला करार दे दिया गया।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) की तरफ से दर्ज मुकदमे में बैंक ने आरोप लगाया है कि कंपनी ने अपनी 94 फीसद बिक्री कुछ चुनिंदा वितरकों को ही दिखाई।
कंपनी ने ग्राहकों से प्राप्तियों को बट्टे खाते में डाल दिया और संदिग्ध तरीके से उसी ग्राहक के साथ काफी रियायत पर लेनदेन किया। कंपनी और उसके निदेशकों ने वर्ष 2013-18 की अवधि में बैंक को गलत तरीके से 160.68 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया और खुद लाभ कमाया।
बैंक ने कहा कि मुकदमे में नामजद कंपनी के निदेशकों ने एक दूसरे के सहयोग और अज्ञात अधिकारियों की मदद से विभिन्न प्रकार के संज्ञेय व गैर संज्ञेय अपराधों को अंजाम दिया। –


