महंत नरेंद्र गिरी की मौत पर उठे सवालों का जबाब ढूंढ रही सीबीआई, कोई नहीं बता पाया कि स्टूल गिरा था या नहीं
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Priyagraj News : प्रयागराज । श्री मठ बाघम्बरी गद्दी में 20 सितंबर को महंत नरेंद्र गिरि की मृत्यु के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) इस अहम सवाल का जवाब भी तलाश रही है कि कमरे से बरामद स्टूल महंत के फंदे पर लटकने के समय जमीन पर गिरा था अथवा नहीं? इसका जवाब कमरे में सबसे पहले पहुंचे तीन सेवादार ठीक से नहीं दे सके हैं।

किसी ने कहा कि स्टूल बिस्तर पर था तो कोई बोला कि जमीन पर गिरा था और उसे उठाकर बिस्तर पर रखा गया। उस कमरे में जहां महंत नरेंद्र गिरि का शव मिला था, सेवादार सर्वेश, सुमित और धनंजय सबसे पहले दरवाजे की सिटकनी तोड़कर पहुंचे थे। इन तीनों से कई चक्र में सीबीआइ टीम ने पूछताछ की।

सवाल यही थे कि जब वह कमरे में दाखिल हुए तो क्या देखा? महंत का शव किस अवस्था में फंदे से लटक रहा था? कैसे और किसने रस्सी काटी? चाकू कहां से लाए? कैंची अगर कमरे में थी तो उसका उपयोग रस्सी काटने में क्यों नहीं किया? महंत किस चीज पर चढ़कर फंदे से लटके थे?।

सूत्रों के मुताबिक सीबीआइ टीम ने घटना के बाद बनाए गए वीडियो को देखा। इसमें स्टूल बिस्तर पर रखा मिला। इस बारे में भी तीनों से अलग अलग सवाल हुए। पूछा गया कि जब दरवाजे की सिटकनी तोड़कर वे कमरे में पहुंचे तो स्टूल जमीन पर गिरा था अथवा बिस्तर पर रखा था? तीनों ने जुदा जवाब दिए। एक ने कहा कि जमीन पर गिरा था, उठाकर बिस्तर पर रखा और दूसरे ने बताया कि बिस्तर पर ही था। तीसरे ने उस समय ध्यान ही नहीं देने की बात कही।

उन पुलिसकर्मियों से भी पूछताछ की गई जो यहां सबसे पहले पहुंचे थे। सभी ने करीब-करीब यही बताया कि जब वह पहुंचे तो स्टूल बिस्तर पर ही था। स्टूल गिरता तो सुनाई पड़ती आवाज: महंत का शव जिस कमरे में मिला, उसके अगल बगल भी कमरे हैं।

सेवादार और शिष्यों की वहां लगातार आवाजाही बनी रहती है। अगर स्टूल बिस्तर से जमीन पर गिरा तो उसकी आवाज उस दिन किसी ने क्यों नहीं सुनी? यह भी सवाल है।

नैनी जेल से आनंद गिरि को कस्टडी रिमांड पर लेने के बाद सीबीआइ का जोर उस कथित वीडियो का पता लगाने पर जोर होगा, जिसके जरिए महंत नरेंद्र गिरि को ब्लैकमेल किया जा रहा था। यह वीडियो सबसे महत्वपूर्ण साक्ष्य माना जा रहा है।

अगर वीडियो सीबीआइ के हाथ लगता है और ऐसी बात सच है तो कई शख्स कार्रवाई की जद में आ जाएंगे। वीडियो मिलने के बाद सीबीआइ की टीम उसे बनाने वाले और साजिश में शामिल अन्य लोगों का चेहरा उजागर कर देगी।

सोमवार को श्रीमठ बाघम्बरी गद्दी में सीबीआइ टीम ने निरंजनी अखाड़ा के सचिव रवींद्र पुरी व बलवीर, अमर गिरि, सेवादारों समेत 16 लोगों से पूछताछ की। कई साधुओं से भी सवाल-जवाब किया।

पहले सबसे अलग-अलग पूछताछ की गई और फिर कुछ लोगों को एक साथ बैठाकर सवाल किए गए। सीबीआइ मठ के सभी शिष्यों, सेवादारों और छात्रों की सूची बना रही है।

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