नई दिल्ली। चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के खतरे और उससे उत्पन्न चुनौतियों से निपटने के लिए केंद्र सरकार पूरी तरह सक्रिय हो गई है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को प्रभावित होने वाले राज्यों—आंध्र प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के मुख्यमंत्रियों से फोन पर विस्तृत चर्चा की और जमीनी स्थिति का जायजा लिया। गृह मंत्री ने सभी संबंधित मुख्यमंत्रियों को आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार आपदा की इस घड़ी में राज्यों के साथ पूरी प्रतिबद्धता से खड़ी है और जनहानि रोकने व नागरिकों की मुश्किलें कम करने के लिए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर संचालित किया जा रहा है ताकि किसी भी आपात स्थिति से त्वरित निपटा जा सके।
युद्धस्तर पर मुस्तैद राहत दल, तटीय व संवेदनशील इलाकों पर नजर : केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार, चक्रवात की तीव्रता को देखते हुए आपदा प्रबंधन तंत्र को अलर्ट मोड पर रखा गया है:
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राहत व बचाव अभियान: राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और संबंधित राज्यों के राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टुकड़ियां पहले से ही संवेदनशील इलाकों में तैनात हैं और स्थानीय प्रशासन के समन्वय से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का कार्य कर रही हैं।
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सप्लाई व मेडिकल बैकअप: आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति, पेयजल और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय स्तर पर निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है।
जल्द भेजी जाएंगी अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीमें (IMCT) : गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि चक्रवात का असर थमते ही नुकसान का त्वरित मूल्यांकन किया जाएगा:
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जमीनी क्षति का आकलन: फसलों, बुनियादी ढांचे, बिजली तंत्र और आवासीय संपत्तियों को पहुंचे नुकसान की विस्तृत समीक्षा के लिए केंद्र सरकार द्वारा जल्द ही अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीमें (IMCT) प्रभावित राज्यों के दौरे पर भेजी जाएंगी।
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अग्रिम वित्तीय सहायता: केंद्रीय टीमों की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर राज्यों को राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (NDRF) से आवश्यक अतिरिक्त वित्तीय व लॉजिस्टिक सहायता स्वीकृत की जाएगी।

