Datia news : दतिया। रविवार को अतिक्रमण हटाने के दौरान उस समय मामला उलझ गया जब अधिकारियों की टीम के वापिस जाते ही, जिन लोगों का अतिक्रमण हटाया गया था वह शिकायतकर्ता से ही भिड गए। जिसके बाद मौके पर हंगामेदार स्थिति बन गई। हालात ऐसे बने की लोग आपस में हाथापाई तक पहुंच गए।
दरअसल कलेक्टर स्वप्निल वानखडे के निर्देश पर रविवार को राजस्व विभाग की टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में आईटीआई कॉलेज से जुड़े बड़े भूभाग को अतिक्रमण मुक्त कराया।
नगर के मौजा रामनगर स्थित शासकीय भूमि सर्वे नंबर 617 पर लंबे समय से किए गए पक्के अतिक्रमण को हटाने के लिए यह कार्रवाई की गई, जो काफी मशक्कत के बाद सफल हो सकी।
इस कार्रवाई की सबसे दिलचस्प और चौंकाने वाली बात यह रही कि जिस व्यक्ति ने अतिक्रमण की शिकायत कलेक्टर से की थी, वही खुद मौके पर टीनशेड लगाकर अतिक्रमण किए हुए पाया गया।
जैसे ही तहसीलदार बृजमोहन आर्य के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची और निरीक्षण किया गया, तो शिकायतकर्ता राममिलन यादव का भी शासकीय भूमि पर कब्जा सामने आ गया। इसके बाद तहसीलदार ने पहले उसीका अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए, फिर आसपास के अन्य अतिक्रमणों को ढहाया गया।
पांच हजार वर्गफीट भूमि दबा रखी थी : प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार उक्त भूमि आईटीआई कार्यालय के अंतर्गत दर्ज शासकीय भूमि है, जिस पर मिथुन पुत्र किशोरी शरण आहिरवार एवं राममिलन यादव निवासी निचरौली रोड द्वारा लगभग पांच हजार वर्गफीट क्षेत्र में पक्का निर्माण कर कब्जा किया गया था।
शिकायत मिलने के बाद राजस्व विभाग द्वारा जांच की गई, जिसमें अतिक्रमण अवैध पाया गया। इसके बाद कलेक्टर ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश जारी किए।
रविवार को तहसीलदार बृजमोहन आर्य के नेतृत्व में नगर पालिका अमला और पुलिस बल मौके पर पहुंचा। सुरक्षा व्यवस्था के बीच जेसीबी मशीन की मदद से पक्के निर्माण को ढहाकर शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक अमले ने पूरे क्षेत्र का निरीक्षण कर अन्य अवैध कब्जों को भी हटाया।
मौके पर मच गया हंगामा : हालांकि जब टीम कार्रवाई पूरी कर वापस लौट गई, तब वहां मौजूद कुछ लोगों ने शिकायतकर्ता राममिलन से ही विवाद करना शुरू कर दिया। लोगों का कहना था कि यदि उसने शिकायत नहीं की होती तो किसी पर भी कार्रवाई नहीं होती।
इसी बात को लेकर कुछ देर के लिए माहौल गर्म हो गया और हाथापाई की स्थिति तक बन गई। मौके पर हंगामा होने की सूचना प्रशासन को मिली, जिसके बाद शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस सतर्क हो गई।
तहसीलदार बोले आपस में ही भिड़ रहे थे लोग : इस मामले में तहसीलदार बृजमोहन आर्य ने बताया कि अतिक्रमण हटाने के दौरान कोई विवाद नहीं हुआ था। टीम कार्रवाई कर लौट चुकी थी, उसके बाद स्थानीय लोग आपस में उलझ गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शांति भंग करने वाले लोगों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही उन्होंने कहा कि शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की यह मुहिम आगे भी लगातार जारी रहेगी, ताकि सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और उनका उपयोग जनहित के कार्यों में किया जा सके।


