कूनो में फिर बढ़ेगी चीतों की रफ्तार : बोत्सवाना से 8 नए मेहमान एमपी पहुंचेंगे, केंद्रीय मंत्री की मौजूदगी में होगा रिलीज, देश में संख्या 47 तक पहुंची

भोपाल/श्योपुर। अफ्रीकी देश बोत्स्वाना से 8 चीते (6 मादा और 2 नर) 28 फरवरी को मध्यप्रदेश के कूनो नेशनल पार्क पहुंचेंगे। यह चीतों का तीसरा बड़ा जत्था होगा, जिसे विशेष विमान से भारत लाया जा रहा है। कूनो एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव संरक्षण अभियान का केंद्र बनने जा रहा है।

तय समय पर होगा ट्रांसलोकेशन : निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 28 फरवरी को सुबह 8:30 बजे ग्वालियर से भारतीय वायुसेना के दो हेलीकॉप्टरों के जरिए चीतों को कूनो के लिए रवाना किया जाएगा। सुबह 9:30 बजे तक उनके पार्क पहुंचने की संभावना है। सुरक्षित लैंडिंग के लिए पार्क में 5 हेलीपैड तैयार किए गए हैं।

अनलोडिंग के बाद इमिग्रेशन, कस्टम, पशु-चिकित्सा और सुरक्षा से जुड़ी सभी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। पार्क में विशेष बाड़े तैयार किए गए हैं, जहां चीते करीब एक माह तक क्वारंटाइन में रहेंगे। पूरा अभियान वैज्ञानिक प्रोटोकॉल और विशेषज्ञों की निगरानी में संचालित किया जाएगा।

‘प्रोजेक्ट चीता’ का अगला चरण : ‘प्रोजेक्ट चीता’ अब प्रारंभिक चरण से आगे बढ़कर स्थायी स्थापना और प्रजनन के चरण में पहुंच चुका है। इससे पहले दक्षिण अफ्रीका से लाए गए 12 चीतों में से 8 वर्तमान में कूनो में स्वस्थ हैं। इनमें से 3 को सफलतापूर्वक गांधी सागर अभयारण्य में स्थानांतरित किया जा चुका है।

दक्षिण अफ्रीकी मूल की मादा चीताओं से जन्मे 10 शावक जीवित हैं। भारत में जन्मी पहली वयस्क मादा ‘मुखी’ ने 5 शावकों को जन्म दिया है। ‘गामिनी’ दूसरी बार मां बनी है और उसके शावक भी स्वस्थ हैं। ‘वीरा’ और ‘निर्वा’ अपने-अपने शावकों के साथ निगरानी में हैं।

एशिया से लुप्त हो चुके चीतों का पुनर्स्थापन अब ठोस रूप लेता दिख रहा है। नए आवासों में विस्तार और दूसरी पीढ़ी के शावकों के साथ यह परियोजना देश के वन्यजीव संरक्षण प्रयासों को नई दिशा दे रही है।

Share this with Your friends :

Share on whatsapp
Share on facebook
Share on twitter