राष्ट्रपति की नीदरलैंड यात्रा : पटना के नागरिकों ने डच लिंक को किया याद, ‘साझा विरासत’ को संरक्षित करने की अपील

एम्सटरडम :  राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा है कि भारत और नीदरलैंड सामरिक रूप से महत्वपूर्ण हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, सुरक्षा व समृद्धि सुनिश्चित करने की दिशा में एक साझा प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहे हैं।

कोविंद अपनी दो देशों की यात्रा के अंतिम चरण में सोमवार को तुर्कमेनिस्तान से एम्स्टर्डम पहुंचे थे। 1988 में तत्कालीन राष्ट्रपति आर वेंकटरमन के बाद बीते 34 वर्षों में यह किसी भारतीय राष्ट्रपति की पहली नीदरलैंड यात्रा है। अपनी यात्रा के दौरान कोविंद नीदरलैंड के शीर्ष नेतृत्व के साथ वार्ता करेंगे।

मंगलवार को किंग विलियम एलेक्जेंडर द्वारा आयोजित राजकीय भोज के दौरान अपने संबोधन में कोविंद ने कहा कि यह वर्ष द्विपक्षीय संबंधों में एक मील का पत्थर है, क्योंकि दोनों देश संयुक्त रूप से अपने राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ मना रहे हैं, जो भारत-नीदरलैंड साझेदारी की गहराई को दर्शाता है।

उन्होंने कहा, “दो संपन्न लोकतांत्रिक देशों व आर्थिक दिग्गजों के रूप में भारत और नीदरलैंड स्वाभाविक भागीदार हैं। हम वैश्विक चुनौतियों के बहुपक्षीय समाधान के बारे में साझा दृष्टिकोण रखते हैं।”

कोविंद ने नीदरलैंड को सामरिक रूप से महत्वपूर्ण हिंद-प्रशांत क्षेत्र और यूरोपीय संघ (ईयू) में एक महत्वपूर्ण पक्ष करार दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देश वैश्विक शांति, सुरक्षा व समृद्धि प्राप्त करने की दिशा में काम करने के लिए एक साझा प्रतिबद्धता रखते हैं।

Written & Source By : P.T.I

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