झाबुआ | मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को झाबुआ जिले के थांदला में आयोजित कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण, रोजगार और विकास को लेकर कई घोषणाएं कीं। शासकीय महाविद्यालय मैदान में आयोजित स्व-सहायता समूहों के क्षमतावर्धन एवं ऋण वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की महिलाएं स्व-सहायता समूहों, कृषि, पशुपालन और छोटे उद्यमों के माध्यम से आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है और मध्यप्रदेश विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है।
स्व-सहायता समूहों को 300 करोड़ रुपए का ऋण : कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्व-सहायता समूहों को सशक्त बनाने के लिए कुल 300 करोड़ रुपए की ऋण राशि वितरित की। इसमें झाबुआ जिले के 215 स्व-सहायता समूहों के लिए 10.8 करोड़ रुपए का ऋण भी शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व-सहायता समूह महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध करा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में स्व-सहायता समूहों द्वारा 196 दीदी कैफे संचालित किए जा रहे हैं, जबकि 85 आजीविका पुस्तकालय भी समूहों की महिलाओं के माध्यम से चलाए जा रहे हैं। झाबुआ जिले में 11 हजार 900 से अधिक स्व-सहायता समूह करीब 1.56 लाख परिवारों की आजीविका और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े हुए हैं।
झाबुआ को 283 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम के दौरान झाबुआ जिले में 174.64 करोड़ रुपए की लागत वाले 29 विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया। इसके साथ ही 109.17 करोड़ रुपए की लागत से तैयार 28 विकास एवं आधारभूत संरचना परियोजनाओं का लोकार्पण भी किया गया। इस तरह जिले को कुल 283 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों की सौगात मिली।
मुख्यमंत्री ने विभिन्न सरकारी योजनाओं के हितग्राहियों को लाभ वितरित करने के साथ ही मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए ‘आजीविका मेला’ का भी अवलोकन किया और स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों की जानकारी ली।
रोजगार और उद्योग पर सरकार का फोकस : मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने बताया कि ग्वालियर क्षेत्र में संचार क्षेत्र से जुड़ी नई इकाई स्थापित की जाएगी, जिससे करीब 14 हजार रोजगार के अवसर पैदा होने का दावा किया गया। वहीं धार जिले में पीएम मित्र पार्क के जरिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करीब 3 लाख रोजगार के अवसर सृजित होने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झाबुआ, धार और आलीराजपुर जैसे जनजातीय क्षेत्रों के युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे शहरों में पलायन न करना पड़े, इसके लिए स्थानीय स्तर पर उद्योग और एमएसएमई को बढ़ावा दिया जा रहा है।
प्राकृतिक खेती और ‘लखपति दीदी’ पर जोर : मुख्यमंत्री ने झाबुआ को प्राकृतिक और जैविक खेती के लिए अनुकूल क्षेत्र बताते हुए महिला किसानों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश की महिलाएं अब कृषि कार्यों के साथ ड्रोन संचालन, पशुपालन, मछली पालन और अन्य आर्थिक गतिविधियों में भी आगे बढ़ रही हैं।
कार्यक्रम में बताया गया कि प्रदेश में महिला किसान उत्पादक संगठनों ने 958 करोड़ रुपए का कारोबार किया है। वहीं जनजातीय क्षेत्रों में 64 हजार ‘लखपति दीदी’ आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में काम कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगले साल से स्व-सहायता समूहों की महिलाओं के माध्यम से स्कूली बच्चों की यूनिफॉर्म तैयार कराने की दिशा में भी काम किया जाएगा।
झाबुआ में आयुर्वेदिक कॉलेज और थांदला में रेलवे कनेक्टिविटी का दावा : मुख्यमंत्री ने झाबुआ में 70 करोड़ रुपए की लागत से आयुर्वेदिक चिकित्सा महाविद्यालय के भूमि-पूजन का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में अब तक 9 आयुर्वेदिक कॉलेजों की सौगात मिल चुकी है। इसके अलावा 35.29 करोड़ रुपए की लागत से सांदीपनि विद्यालय शुरू किए जाने की बात कही गई।
उन्होंने थांदला क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी पहुंचने की बात भी कही। साथ ही थांदला में पक्का हेलीपैड बनाने, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में खेल स्टेडियम विकसित करने और विभिन्न स्थानों पर घाट निर्माण की योजनाओं का भी उल्लेख किया।
महिला सशक्तिकरण को लेकर सरकार की योजनाएं गिनाईं : मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में नगरीय निकायों और पंचायतों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण है, जबकि सरकारी सेवाओं में महिलाओं के लिए 35 प्रतिशत पद आरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण के जरिए प्रदेश के परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

